
Netanyahu Six Fingers Video: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी भीषण महायुद्ध अब एक रहस्यमयी मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले 15 दिनों से जारी इस जंग के बीच अब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर सोशल मीडिया पर एक नया विवाद छिड़ गया है। नेतन्याहू का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि यह असली नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा तैयार किया गया है।
6 उंगलियों का रहस्य
प्लेटफॉर्म ‘X’ पर हजारों यूजर्स ने दावा किया है कि इजरायल सरकार द्वारा जारी हालिया वीडियो में नेतन्याहू के एक हाथ में 6 उंगलियां दिखाई दे रही हैं। एआई तकनीक की एक आम खामी यह है कि वह इंसानी हाथों और उंगलियों को सटीक रूप से नहीं बना पाती, जिसे ‘सिक्स फिंगर डिफेक्ट’ कहा जाता है।
इस वीडियो के सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या नेतन्याहू जीवित हैं या वे कहीं छिप गए हैं?। कई अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों ने सवाल उठाया है कि इजरायल को अपने प्रधानमंत्री का एआई-जनरेटेड भाषण जारी करने की जरूरत क्यों पड़ी और नेतन्याहू पिछले कुछ दिनों से सार्वजनिक रूप से क्यों नहीं देखे गए हैं?।
BREAKING: LATEST VIDEO RELEASED BY THE ISRAELI GOVERNMENT SHOWS THAT IT WAS AI GENERATED BECAUSE NETANYAHU HAS 6 FINGERS
Is Netanyahu dead?
— Sulaiman Ahmed (@ShaykhSulaiman)
ईरान में नेतृत्व परिवर्तन और तनाव
इस युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले से हुई थी जिसमें ईरान के शीर्ष नेता आयातुल्ला अली खामेनेई और उनकी शीर्ष नेतृत्व टीम के मारे जाने का दावा किया गया है। अब उनके बेटे ने कमान संभाली है। हालांकि, इजरायल का दावा है कि मुज्तबा भी हमले में घायल हुए हैं, क्योंकि उनके द्वारा जारी हालिया संदेश में उनका चेहरा नहीं दिखाया गया था।
There is no getting away from the fact that the video purporting to be Netanyahu 🇮🇱 is AI influenced
Why has a man who basks in murder, lies & propaganda not been seen in public for days?
Certainly the less the world sees of this monster the better.
— Howard Beckett (@BeckettUnite)
भारत पर युद्ध का सीधा असर
इस अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का सीधा असर भारत की रसोई और बाजार पर भी दिखने लगा है। युद्ध के कारण भारत में एलपीजी (LPG) गैस की भारी किल्लत पैदा हो गई है। मुंबई के पास बदलापुर जैसे इलाकों में होटलों में चूल्हे पर खाना बनाने की नौबत आ गई है। इतना ही नहीं, मुंबई के ड्रायफ्रूट मार्केट में भी युद्ध के कारण कीमतों में उछाल आया है और किसानों को हल्दी व केले के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। इस बीच, रूस और चीन ने अपने मित्र देश ईरान की मदद के लिए कदम आगे बढ़ाए हैं जिससे युद्ध की दिशा बदलती नजर आ रही है।



