
Israel-Iran War: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के बीच युद्ध और भी भयावह होता जा रहा है। करीब नौ दिनों से जारी इस संघर्ष में ईरान कई देशों के दबाव का सामना कर रहा है, जिनमें अमेरिका जैसी बड़ी ताकत भी शामिल है। लगातार हमलों के बावजूद ईरान जवाबी कार्रवाई कर रहा है, लेकिन देश के भीतर हालात बेहद चिंताजनक बताए जा रहे हैं। मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच अब तेहरान में काले रंग की बारिश होने की खबर सामने आई है, जिसने लोगों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि शनिवार रात जब तेहरान के लोग सो रहे थे, तभी इजरायल और अमेरिका के लड़ाकू विमानों ने राजधानी के कई अहम ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में ‘शाहरान फ्यूल डिपो’ और ‘अल्बोर्ज’ की तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया गया, जिससे बड़े पैमाने पर आग लग गई और आसमान में घना काला धुआं फैल गया।
काले जहर की बारिश
रविवार सुबह जब तेहरान में बारिश शुरू हुई तो लोगों ने देखा कि बारिश का पानी सामान्य नहीं था। बूंदें काले रंग की थीं और उनमें तेल जैसी तेज गंध महसूस हो रही थी। माना जा रहा है कि हमलों में नष्ट हुए तेल डिपो और रिफाइनरियों से निकले तेल और रासायनिक पदार्थ वातावरण में फैल गए, जो बादलों के साथ मिलकर जहरीली बारिश का कारण बन सकते हैं।
It rain oil in Iran
— Daily Knowledge (@elieser20043821)
ईरानी रेड क्रिसेंट ने इमरजेंसी अलर्ट जारी करते हुए बताया कि इस बारिश में सल्फर, नाइट्रोजन ऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन जैसे खतरनाक तत्व मौजूद हो सकते हैं। ऐसी बारिश त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है और सांस के जरिए शरीर में जाने पर फेफड़ों को गंभीर हानि हो सकती है। अधिकारियों ने लोगों को घरों में रहने और एहतियात बरतने की सलाह दी है।
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फ्यूल टैंकों पर ड्रोन हमला
इधर तेहरान में बढ़ते संकट के बीच ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने खाड़ी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने के फ्यूल टैंकों पर ड्रोन हमला किया, जिससे वहां की उड़ानों और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था प्रभावित हुई है।
इसके अलावा ईरान ने के एक वाटर प्लांट को भी निशाना बनाया है। खाड़ी क्षेत्र के रेगिस्तानी देशों के लिए ऐसे जल संयंत्र बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। माना जा रहा है कि इन हमलों के जरिए ईरान यह संदेश देना चाहता है कि यदि उसके संसाधनों और नागरिकों को निशाना बनाया जाएगा, तो वह क्षेत्र के अहम बुनियादी ढांचे को भी नहीं छोड़ेगा।



