
Image Source : FREEPIK
सेहत बिल्कुल शतरंज के खेल जैसी है, हर चाल सोच-समझकर चलनी पड़ती है, जरा सी लापरवाही हुई नहीं कि तन, मन और नजर, तीनों मात खा जाते हैं। सबसे अच्छी बात ये है कि शतरंज सिर्फ खेल नहीं रहा, बच्चों को मोबाइल से दूर ले जाने का जरिया भी बन गया है। राजस्थान की 15 साल की वाणी जैन ने बच्चों को शतरंज सिखाने की पहल की है। नतीजा 5 से 15 साल तक के 80 से ज्यादा बच्चे अब मोबाइल गेम और रील्स में वक्त गंवाने के बजाय शतरंज से फोकस, पेशेंस, प्लानिंग, स्ट्रैटजी और फैसले लेने की काबिलियत सीख रहे हैं। ये सिर्फ गेम नहीं, दिमाग को दिशा देने वाली पहल है।
क्या कहती है रिपोर्ट- दिल्ली में स्क्रीन टाइम इतना बढ़ गया है कि एम्स से जुड़ी रिपोर्ट में हर पांच में से एक बच्चे को चश्मे की जरूरत बताई गई। मतलब ये है कि एक्सेस स्क्रीन टाइम की वजह से करीब 20 फीसदी बच्चों की नजर पर चश्मा चढ़ना तय है क्योंकि मोबाइल, टीवी और दूसरे स्क्रीन डिवाइस अब बच्चों की आंखों पर सीधा दबाव डाल रहे हैं। इतना ही नहीं, बड़े भी सेफ नहीं हैं, उम्र बढ़ने के साथ प्रेस-बायोपिया, ड्राई आई, सिरदर्द, धुंधलापन और आंखों की थकान तेजी से बढ़ रही है और सबसे खतरनाक है ग्लूकोमा (काला मोतिया) जिसे साइलेंट थीफ ऑफ साइट भी कहते हैं क्योंकि इसमें लंबे समय तक पता ही नहीं चलता और नजर धीरे-धीरे कमजोर होती जाती है।
गौर करने वाली बात- मोबाइल की चमक अगर हद से ज्यादा हो जाए तो आंखों की रोशनी फीकी पड़ने लगती है इसलिए बच्चों को आउटडोर गेम, इनडोर ब्रेन गेम और स्क्रीन से ब्रेक, तीनों की आदत डालनी होगी। दिन की शुरुआत योग, आंखों की सिंपल एक्सरसाइज, पामिंग, ब्लिंकिंग और थोड़ी देर खुली हवा में खेलने से हो ताकि दिमाग भी तेज रहे और नजर भी सुरक्षित रहे।
आंखों की रोशनी बढ़ाएं- सुबह और शाम 30 मिनट प्राणायाम करें, अनुलोम-विलोम करें और 7 बार भ्रामरी करें। महात्रिफला घृत को 1 चम्मच दूध के साथ दिन में दो बार खाने के बाद लेने से भी आंखों की रोशनी बढ़ सकती है। एलोवेरा-आंवला का जूस आंखों की सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। नजर को शार्प करने के लिए गुलाब जल में त्रिफला का पानी मिलाएं, मुंह में नॉर्मल पानी भरें और त्रिफला-गुलाब जल से आंखें धोएं। बादाम, सौंफ और मिश्री को पीस कर पाउडर बना लीजिए और रात को गर्म दूध के साथ लीजिए जिससे आपका चश्मा उतर जाए।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।



