
Back Pain Relief Yoga: आजकल की सेडेंटरी लाइफस्टाइल और डेस्क जॉब ने पीठ दर्द को एक आम समस्या बना दिया है। ऐसे में ऊर्ध्व मुख श्वानासन या अपवर्ड फेसिंग डॉग पोज आपके शरीर के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह न केवल रीढ़ को लचीला बनाता है बल्कि मानसिक तनाव को भी जड़ से मिटाता है।
योग विज्ञान में कुछ आसन ऐसे हैं जो शरीर को भीतर से शक्ति और बाहर से गजब का लचीलापन प्रदान करते हैं। ऊर्ध्व मुख श्वानासन उन्हीं प्रभावशाली आसनों में से एक है। संस्कृत के इस शब्द का अर्थ है ऊपर की ओर मुंह करके देखने वाले कुत्ते की मुद्रा। आधुनिक समय में जहां लोग घंटों लैपटॉप के सामने कंधे झुकाकर बैठते हैं यह आसन एक नेचुरल हीलर की तरह काम करता है।
सूर्य नमस्कार का है अहम हिस्सा
यह आसन विश्व प्रसिद्ध का एक प्रमुख अंग है। अष्टांग योग में इसे 7वें चरण के रूप में भुजंगासन के स्थान पर या उसके बाद किया जाता है। यह मुद्रा शरीर के सामने के हिस्से को बेहतरीन स्ट्रेच देती है जिससे फेफड़े और छाती पूरी तरह खुलते हैं।
ऊर्ध्व मुख श्वानासन रीढ़ की हड्डी के स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम है। इसके नियमित अभ्यास करने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं।
- यह बांहों, कंधों और कलाई की ताकत को बढ़ाता है।
- यह पेट की मांसपेशियों को स्ट्रेच कर पाचन क्रिया में सुधार करता है और दमा के रोगियों के लिए भी लाभकारी माना जाता है।
- दिन भर की सुस्ती और थकान को दूर कर शरीर में नई ऊर्जा का संचार करता है।

डेस्क जॉब वालों के लिए क्यों है जरूरी
लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठकर काम करने से रीढ़ की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं। ऊर्ध्व मुख श्वानासन पीठ की मांसपेशियों को मजबूती देता है और कंधों के कड़ेपन को दूर करता है। सुबह खाली पेट इसका अभ्यास करने से न केवल शारीरिक स्फूर्ति मिलती है बल्कि मानसिक तनाव से भी मुक्ति मिलती है।
सावधानी है अनिवार्य
यदि आपको घुटने, कूल्हे या कमर में कोई पुरानी या गंभीर चोट है तो इस आसन को करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। गर्भवती महिलाओं को इस आसन को किसी विशेषज्ञ की देखरेख में संशोधित रूप में ही करना चाहिए।
अगर आप बिना किसी दवा के अपनी को अलविदा कहना चाहते हैं और दिन भर तरोताजा रहना चाहते हैं तो ऊर्ध्व मुख श्वानासन को अपने डेली रूटीन का हिस्सा जरूर बनाएं।



