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घर अगर ऐसा हो, जहां हर कोना सुकून दे, हर दीवार साफ-सुथरी लगे और हर सांस में ताजगी महसूस हो तो सच मानिए, वो सिर्फ एक मकान नहीं, सेहत का भी ठिकाना बन जाता है। लेकिन जब हम बाहर पहनी हुई चप्पल या जूते उठाकर घर के अंदर ले आते हैं तो सेहत भी बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है। दादी-नानी के जमाने से ये रीत रही है कि बाहर के जूते-चप्पल, बाहर ही रहें और इस आदत के पीछे पूरी हेल्थ साइंस है। दरअसल, फुटवियर के तलवे पर चिपकी गंदगी और बैक्टीरिया सीधे जूतों के जरिए घर के कोने-कोने तक पहुंच सकता है।
क्या कहती है रिसर्च- जूतों के तलवे पर लाखों बैक्टीरिया हो सकते हैं और उनमें ई. कोलाई जैसे कीटाणु भी शामिल हो सकते हैं। इस तरह के कीटाणु एलर्जी, खांसी, इंफेक्शन, पेट की गड़बड़ी और स्किन की परेशानी को बढ़ा सकते हैं। मौसम में जब कभी नमी, कभी बेमौसम बारिश, फिर आने वाली गर्मी हो तो फंगस, मोल्ड और बैक्टीरिया को और मौका मिल जाता है। गीलापन और गंदगी मिल जाए तो फुटवियर सिर्फ बदबू नहीं, बीमारी का जरिया भी बन सकता है।
किडनी से जुड़ी बीमारियां- ई. कोलाई जैसे कीटाणु यूटीआई और किडनी की परेशानी को बढ़ा देते हैं। याद रखिए कि पुरानी परंपरा को पुराना समझकर मत छोड़िए क्योंकि कई बार वही आदतें घर और शरीर, दोनों की रक्षा करती हैं। इसके अलावा किडनी की हिफाजत के लिए योग अपनाइए। इसके अलावा वर्कआउट करना, वजन कंट्रोल करना, स्मोकिंग से बचना, खूब पानी पीना, जंकफूड से बचना और पेनकिलर ना लेना भी किडनी के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है।
किडनी को मजबूत कैसे बनाएं- सुबह नीम के पत्तों का एक चम्मच रस पिएं और शाम को पीपल के पत्तों का एक चम्मच रस पिएं। वहीं, किडनी स्टोन को खत्म करने के लिए और यूटीआई इंफेक्शन दूर करने के लिए भुट्टे के बाल को पानी में उबालें और छानकर पिएं। ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं क्योंकि अगर बॉडी में पानी की मात्रा कम होगी, तो यूरिन प्रोसेस डिस्टर्ब होगा, बैक्टीरिया बाहर नहीं निकल पाएंगे, यूरिन प्रॉब्लम यानी यूटीआई की दिक्कत होगी और किडनी में इंफेक्शन फैलने का खतरा बढ़ जाएगा।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।



