
Image Source : FREEPIK/ YOUTUBE – SHIKHA’S KITCHEN
आजकल स्ट्रेट और शाइनी बाल पाने के लिए लोग महंगे केमिकल ट्रीटमेंट्स पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं। लेकिन इन ट्रीटमेंट्स का असर जितना जल्दी दिखता है, उतना ही जल्दी बालों को नुकसान भी पहुंचाता है जैसे ड्रायनेस, हेयर फॉल और डैमेज। ऐसे में अगर आपको कोई ऐसा देसी और नेचुरल तरीका मिल जाए, जो बिना साइड इफेक्ट के बालों को स्मूद, स्ट्रेट और चमकदार बना दे, तो कैसा रहेगा? आपकी रसोई में मौजूद भिंडी की सब्जी का पानी ही बालों के लिए वरदान साबित हो सकता है। यह न सिर्फ बालों को नेचुरली स्ट्रेट करने में मदद करता है, बल्कि उन्हें अंदर से पोषण देकर शाइनी और हेल्दी भी बनाता है। आइए जानते हैं इस आसान और असरदार नुस्खे के बारे में।
भिंडी का पानी बालों के लिए है क्यों फ़ायदेमंद?
भिंडी का पानी विटामिन और मिनिरल्स से भरपूर है, जो बालों की ग्रोथ को बढ़ाता है, स्कैल्प को पोषण देता है और फ्रिज़ को कम करने में मदद करता है। इसमें मौजूद विटामिन ए, सी, के, फोलेट और आयरन बालों के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक कंडीशनर है। इसका जेल ड्राई बालों को मॉइस्चराइज कर उन्हें मुलायम व चमकदार बनाता है
बालों के लिए भिंडी के पानी के फायदे
भिंडी का पानी बालों की जड़ों को पोषण देकर हेयर फॉल को कम करता है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण स्कैल्प को शांत करते हैं। यह बालों को हाइड्रेट करता है और चमक लाता है। साथ ही रूखे बालों को सॉफ्ट और सिल्की बनाता है।
भिंडी का पानी बनाने की विधि?
5-6 ताजी भिंडी को छोटे टुकड़ों में काटकर डेढ़ कप पानी में 10-15 मिनट तक तब तक उबालें जब तक कि पानी गाढ़ा और चिपचिपा जेल जैसा न हो जाए। जब यह जेल जैसा बन जाए तब इसे ठंडा करके छलनी से छान लें। इसे बालों और स्कैल्प पर लगाएं और फिर 30-40 मिनट तक रखें और उसके बाद माइल्ड शैम्पू से धो लें।
कैसे करें इस्तेमाल?
बालों को शैम्पू करने के बाद, भिंडी के जेल को स्कैल्प और बालों पर लगाएं। 30 मिनट तक रहने दें, फिर साधारण पानी से धो लें। बेहतर नतीजों के लिए हफ्ते में 1-2 बार इसका इस्तेमाल करें।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।



