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ब्लड शुगर अक्सर खराब खानपान की वजह से बढ़ता है। खासकर मीठे स्नैक्स या ज़्यादा कार्बोहाइड्रेट वाले खाने की वजह से। लेकिन ब्लड ग्लूकोज़ में उतार-चढ़ाव हमेशा खाने की वजह से नहीं होता। इन कुछ आदतों की वजह से भी शुगर लेवल बढ़ने लगता है। जनरल फिजिशियन, डॉ. आमिर खान ने इंस्टाग्राम के एक वीडियो में, बताया है कि खानपान के अलावा किन वजहों से ब्लड शुगर बढ़ता है?
इन वजहों से बढ़ सकता है ब्लड शुगर लेवल:
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तनाव: शरीर में एड्रिनल ग्रंथियों से कोर्टिसोल नामक हार्मोन का स्राव बढ़ाता है, जिसे तनाव हार्मोन भी कहते हैं। यह ग्लूकोज को बढ़ाकर रक्त शर्करा के स्तर में अचानक वृद्धि कर सकता है। उच्च कोर्टिसोल इंसुलिन के कार्य में बाधा डालता है, जिससे रक्त में चीनी की मात्रा अनियंत्रित हो सकती है।
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खराब नींद: रात को अच्छी तरह से नहीं सोने पर भी इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ सकती है। इसका मतलब है कि ग्लूकोज़ खून में ज़्यादा देर तक बना रहता है, जिससे ब्लड शुगर का लेवल बढ़ जाता है। लगातार नींद की कमी से टाइप 2 डायबिटीज़ होने का खतरा काफ़ी बढ़ सकता है, यहाँ तक कि उन लोगों में भी जो आम तौर पर हेल्दी डाइट लेने की कोशिश करते हैं।
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एक्सरसाइज़: एक्सरसाइज के दौरान मांसपेशियों को तुरंत एनर्जी की ज़रूरत होती है, जिसके लिए शरीर खून में ज़्यादा ग्लूकोज़ छोड़ता है। हाई इंटेंसिटी या रेजिस्टेंस ट्रेनिंग के समय ग्लूकोज़ का प्रोडक्शन उसकी खपत से ज़्यादा हो सकता है, जिससे अस्थायी रूप से ब्लड शुगर बढ़ सकता है।
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संक्रमण या बीमारी: जब शरीर किसी संक्रमण से लड़ रहा होता है, तो वह इम्यून सिस्टम को ऊर्जा देने के लिए खून में ज़्यादा ग्लूकोज़ छोड़ता है। यही वजह है कि डायबिटीज़ वाले लोग अक्सर बीमार होने पर अपने ब्लड शुगर का स्तर बढ़ा हुआ पाते हैं। हालाँकि, वह इस बात पर ज़ोर देते हैं कि यह प्रतिक्रिया पूरी तरह से सामान्य है, क्योंकि शरीर बीमारी से लड़ने का काम कर रहा होता है।
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हार्मोन: मासिक धर्म चक्र में हार्मोनल उतार-चढ़ाव, विशेष रूप से ल्यूटियल चरण में बढ़ा हुआ प्रोजेस्टेरोन, इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ाकर ब्लड शुगर का स्तर बढ़ा सकता है। यह 10-14 दिनों तक चलता है। मेनोपॉज़ के दौरान एस्ट्रोजन में कमी भी ब्लड शुगर नियंत्रण को चुनौतीपूर्ण बनाती है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है



