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जोमैटो की पैरेंट कंपनी इटरनल के CEO पद से दीपिंदर गोयल ने दिया इस्तीफा, अब किसे मिली कमान?

जोमैटो की पैरेंट कंपनी इटरनल के CEO पद से दीपिंदर गोयल ने दिया इस्तीफा, अब किसे मिली कमान?

Deepinder Goyal: जोमैटो की पैरेंट कंपनी इटरनल में एक बड़े बदलाव की खबर सामने आई है. जी हां. इसके सीईओ दीपिंदर गोयल (Deepinder Goyal) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने इसकी जानकारी अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर दी है. दीपिंदर गोयल ने ट्वीट कर लिखा, “आज मैं ग्रुप सीईओ के पद से हट रहा हूं, और शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, निदेशक मंडल में उपाध्यक्ष (Vice Chairman) के रूप में बना रहूंगा. अल्बिंदर ढिंडसा (अल्बी) इटरनल के नए ग्रुप सीईओ होंगे.”

आखिर यह बदलाव क्यों?
दीपिंदर गोयल ने बताया है कि इस कंपनी में यह बदलाव क्यों हुआ है. उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर किए गए पोस्ट में चार पन्नों को शेयर किया है. इसमें उन्होंने इस्तीफे की घोषणा करते हुए यह भी बताया कि आखिर यह चेंज क्यों हुआ है? उन्होंने बताया है – हाल ही में, मेरा ध्यान कुछ नए विचारों की ओर आकर्षित हुआ है जिनमें काफी अधिक जोखिम भरे अन्वेषण और प्रयोग (exploration and experimentation) शामिल हैं. ये ऐसे विचार हैं जिन्हें इटरनल जैसी सार्वजनिक कंपनी से बाहर रहकर ही आगे बढ़ाना बेहतर है. यदि ये विचार इटरनल के रणनीतिक दायरे में आते, तो मैं इन्हें कंपनी के भीतर ही आगे बढ़ाता. लेकिन ऐसा नहीं है. इटरनल को अपने अभी के बिजनेस से संबंधित विकास के नए क्षेत्रों का पता लगाते हुए केंद्रित और अनुशासित रहना चाहिए.

उन्होंने आगे लिखा- हालांकि, मुझे विश्वास है कि मेरे पास व्यक्तिगत रूप से इटरनल में अपने काम को जारी रखने और साथ ही बाहर नए विचारों का पता लगाने के लिए पर्याप्त समय है, लेकिन भारत में एक सार्वजनिक कंपनी के सीईओ से कानूनी और अन्य अपेक्षाएं एक ही लक्ष्य पर केंद्रित रहने की मांग करती हैं. यह बदलाव इटरनल को अपने लक्ष्य पर पूरी तरह केंद्रित रहने की अनुमति देता है, साथ ही मुझे उन विचारों को तलाशने का अवसर भी देता है जो इटरनल के जोखिम भरे स्वरूप के अनुरूप नहीं हैं.

अल्बिंदर ढिंडसा बने नए सीईओ
दीपिंदर गोयल ने बताया है कि ऑपरेशन संबंधी निर्णयों का केंद्र अब अल्बी (अल्बिंदर ढिंडसा) के पास है. ग्रुप सीईओ के रूप में, वे डे-टू-डे कार्यों के क्रियान्वयन, ऑपरेशन प्राथमिकताओं और व्यावसायिक निर्णयों के लिए जिम्मेदार होंगे. ब्लिंकइट का अधिग्रहण से लेकर लाभ-हानि तक का सफर उनके नेतृत्व में ही संभव हुआ. उन्होंने टीम, संस्कृति, सप्लाई चैन और ऑपरेशन की लय का निर्माण किया. उनमें एक अनुभवी संस्थापक के गुण हैं और उनकी क्रियान्वयन क्षमता मुझसे कहीं अधिक है. वे ग्रुप सीईओ के रूप में इटरनल का नेतृत्व करने में पूर्णतः सक्षम हैं. ब्लिंकइट हमारी सबसे बड़ी विकास संभावना बनी हुई है और अल्बी की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी.

hi.quicksamachar@gmail.com

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