Please assign a menu to the primary menu location under menu

India

देर रात होर्मुज स्ट्रेट पर भयंकर हमला, तेल के उडा डाले 50 जहाज-आग ही आग

देर रात होर्मुज स्ट्रेट पर भयंकर हमला, तेल के उडा डाले 50 जहाज-आग ही आग

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध मंगलवार को 11वें दिन और भी भीषण हो गया। अमेरिका और इजरायल ने ईरान के भीतर नए सिरे से बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जबकि ईरान ने भी इजरायल और खाड़ी देशों की ओर मिसाइल और ड्रोन दागकर पलटवार किया।

रिवोल्यूशनरी गा‌र्ड्स ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी हमले जारी रहे तो क्षेत्र से एक बूंद तेल भी बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। आइआरजीसी ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा कि युद्ध कब खत्म होगा, यह तेहरान तय करेगा। ट्रंप ने चेताया कि होर्मुज के रास्ते गुजरनेवाले तेल टैंकरों की आवाजाही बाधित हुई तो अमेरिका 20 गुना ताकत से ईरान पर हमले करेगा।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान युद्ध हार रहा है। अगले कुछ घंटों में अब तक के सबसे भयानक हमले होंगे। उन्होंने रूस को भी पश्चिम एशिया में हस्तक्षेप करने से परहेज करने की चेतावनी दी।

ईरानी सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी ने ट्रंप को चेताया कि सतर्क रहें, हमें खत्म करने के चक्कर में कहीं आप ही न खत्म हो जाएं। हम अमेरिका की खोखली धमकियों से डरनेवाले नहीं हैं।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान अमेरिका से बातचीत नहीं करेगा क्योंकि पूर्व में हुई ऐसी पहलों के नतीजे बेहद कड़वे रहे हैं। अमेरिका ने पहले भी दो बार बातचीत बीच में तोड़कर हमले किए हैं।

रॉयटर के अनुसार, इजरायल के यरूशलम और तेल अवीव में मंगलवार को सायरन बजने के बाद कई धमाके सुनाई दिए, जब इजरायली वायु रक्षा प्रणाली ने ईरानी मिसाइलों को रोकने की कोशिश की। वहीं खाड़ी क्षेत्र में भी ईरान के हमलों से तनाव और बढ़ गया।

बहरीन की राजधानी मनामा में एक आवासीय इमारत पर हुए ईरानी हमले में 29 वर्षीय महिला की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए। सऊदी अरब ने अपने तेल समृद्ध पूर्वी क्षेत्र के ऊपर दो ईरानी ड्रोन मार गिराने का दावा किया, जबकि कुवैत की नेशनल गार्ड ने छह ड्रोन को नष्ट करने की जानकारी दी। यूएई के रुवैस औद्योगिक क्षेत्र में ईरानी ड्रोन हमले के बाद एक तेल डिपो में आग लग गई। इसके बाद यहां की दो रिफाइनरियों को बंद कर दिया गया।

ईरान पर अब तक 5000 से ज्यादा हमले न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी सेना के ज्वाइंट चीफ्स आफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने बताया कि युद्ध के पहले दस दिनों में अमेरिकी सेना ने ईरान के 5000 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। इन हमलों में ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन क्षमता को निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि ईरान के मिसाइल हमलों में 90 प्रतिशत तक की कमी आई है। वहीं ड्रोन हमले भी 83 प्रतिशत तक घट गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसेना ने अब तक ईरान के 50 से ज्यादा नौसैनिक जहाजों और नौकाओं को नष्ट किया है और होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाजों को भी निशाना बनाया जा रहा है। हमले में अब तक 150 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिसमें से 108 ड्यूटी पर लौट आए हैं। वहीं, सात अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं।

इजरायल ने तेहरान पर फिर किए हमलेएपी के अनुसार, इजरायली सेना ने भी ईरान की राजधानी तेहरान में कई सैन्य और अनुसंधान ठिकानों पर नए हवाई हमले किए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शहर के कई इलाकों में जोरदार धमाके सुने गए। डेनमार्क, नीदरलैंड्स समेत तमाम देशों ने तेहरान से दूतावास को अजरबैजान स्थानांतरित कर दिया है।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इजरायल का लक्ष्य ईरान की सैन्य क्षमता को पूरी तरह तोड़ना है।

इराक और कतर भी संघर्ष की चपेट मेंइस संघर्ष का असर क्षेत्र के अन्य देशों पर भी पड़ने लगा है। कतर ने अपने क्षेत्र में दागी गई एक ईरानी मिसाइल को इंटरसेप्ट करने की जानकारी दी है।उधर, इराक के किर्कुक शहर में ईरान समर्थित पापुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज के ठिकाने पर हुए हवाई हमले में कम से कम पांच लड़ाकों की मौत हो गई और चार घायल हो गए। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि हमला किसने किया। लेबनान में इजरायल के नए हमलों में ईरान के चार राजनयिक मारे गए।इजरायल की ईरान पर जारी बमबारी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है।

ट्रंप ने कहा कि संघर्ष काफी हद तक पूरा हो चुका है और इसे पहले तय चार सप्ताह की समयसीमा से पहले खत्म किया जा सकता है। उनके बयान के बाद वैश्विक बाजारों में कुछ राहत दिखी और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी भी आंशिक रूप से कम हो गई।हालांकि ईरान ने स्पष्ट किया है कि युद्ध कब समाप्त होगा, इसका फैसला वही करेगा।

इस बीच ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की, जिसके बाद पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से संपर्क कर तनाव कम करने और राजनीतिक समाधान की जरूरत पर जोर दिया।

इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी कहा कि उनका देश अंतहीन युद्ध नहीं चाहता और संघर्ष रोकने के समय पर वाशिंगटन से परामर्श किया जा रहा है।

ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मौजूदा हालात में उनके लिए शांति से रह पाना मुश्किल होगा। उन्होंने दावा किया कि शुरुआती हमलों में अमेरिका ने ईरान की करीब 50 प्रतिशत मिसाइल क्षमता नष्ट कर दी, जिससे संभावित बड़े हमले को टाला जा सका।

उधर, रूस ने संकट के समाधान के लिए मध्यस्थता की पेशकश दोहराई है। क्रेमलिन के अनुसार पुतिन ने पेजेशकियान से बातचीत में संघर्ष को जल्द कम करने और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया, जबकि रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से इसी मुद्दे पर चर्चा की।

जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री अराघची से की बातचीत
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर संयुक्त हमलों के बाद दोनों नेताओं के बीच यह तीसरी बातचीत है। जयशंकर ने क्षेत्र में ताजा घटनाक्रम और जारी संघर्ष पर विस्तार से चर्चा की तथा संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई। उन्होंने ईरान और पूरे क्षेत्र की स्थिति पर भारत की गहरी ¨चता भी व्यक्त की।

hi.quicksamachar@gmail.com

Leave a Reply