
बाजार में मौसम के हिसाब से कई फल बिकते हैं, जिनमें नाशपाती और बाबूगोशा का नाम भी शामिल है। ये दोनों फल देखने में तो एक जैसे लगते हैं। इनका आकार, रंग और यहां तक कि टेक्सचर भी काफी हद तक एक जैसा ही होता है। लेकिन शायद आपको मालूम नहीं है कि दोनों एक नहीं होते हैं। दोनों के बीच अंतर होता है। बाबूगोशा और नाशपाती के स्वाद, बनावट और पोषण में काफी अंतर है। ऐसे में यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि दोनों के बीच क्या अंतर होता है।
दोनों के बीच का अंतर
पहचानने का तरीका
छूने पर: अगर आप फल को दबाते हैं और वह थोड़ा दब जाता है और छूने में मखमली लगता है, तो वह बाबूगोशा है। अगर वह पत्थर की तरह सख्त महसूस हो, तो वह नाशपाती है।
छीलने की जरूरत: बाबूगोशा को बिना छीले भी आसानी से खाया जा सकता है क्योंकि इसका छिलका बहुत पतला होता है, जबकि नाशपाती का छिलका अक्सर उतारकर खाना लोग पसंद करते हैं।
पकने का समय: बाबूगोशा पकने पर बहुत जल्दी खराब होने लगता है, जबकि नाशपाती को फ्रिज में रखकर काफी दिनों तक चलाया जा सकता है।



