
Benefits Of Cooking In Iron Kadhai: भारतीय रसोई में लोहे की कड़ाही का इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है। पारंपरिक कुकिंग में इसे बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि इसमें बना भोजन स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी लाभकारी होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लोहे के बर्तनों में पकाया गया खाना शरीर को प्राकृतिक रूप से आयरन प्रदान कर सकता है, जिससे खून की कमी यानी एनीमिया जैसी समस्याओं से बचाव में मदद मिल सकती है।
आजकल अधिकतर लोग स्टील या नॉन-स्टिक बर्तनों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन लोहे की कड़ाही में पकाए गए भोजन का स्वाद अलग और थोड़ा स्मोकी होता है। साथ ही यह सब्जियों को अच्छी तरह भूनने और क्रिस्पी बनाने में भी मदद करती है। हालांकि, लोहे के बर्तन का सही तरीके से उपयोग करना जरूरी है, क्योंकि इसमें हर तरह की डिश बनाना सही नहीं माना जाता।
लोहे की कड़ाही में कौन-सी सब्जियां बनाना अच्छा माना जाता है
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पालक, मेथी और सरसों का साग
हेल्थ विशेषज्ञों के अनुसार, लोहे की कड़ाही में हरी पत्तेदार सब्जियां बनाना सबसे बेहतर माना जाता है। खासतौर, पालक, मेथी और सरसों का साग जैसी सब्जियां इसमें पकाने से उनका स्वाद और भी बेहतर हो जाता है।
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बैंगन का भरता, आलू-जीरा, परवल
इसके अलावा बैंगन का भरता, आलू-जीरा, परवल, भिंडी और बीन्स जैसी सूखी सब्जियां भी इसमें आसानी से बनाई जा सकती हैं।
इन सब्जियों को में पकाने से उनमें मौजूद पोषक तत्व बेहतर तरीके से शरीर को मिल सकते हैं। साथ ही कड़ाही में पकने से सब्जियों में हल्का स्मोकी फ्लेवर आ जाता है, जो खाने का स्वाद बढ़ा देता है।
लोहे की कड़ाही में किन चीजों को बनाने से बचना चाहिए
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खट्टी चीजें पकाने से बचें
लोहे के बर्तनों में ज्यादा खट्टी चीजें पकाने से बचना चाहिए। उदाहरण के लिए टमाटर की ज्यादा ग्रेवी, इमली या नींबू से बनी डिश को लंबे समय तक इसमें पकाना सही नहीं माना जाता। खटास की वजह से लोहे के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया हो सकती है, जिससे खाने का स्वाद बदल सकता है और रंग भी काला पड़ सकता है।
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कढ़ी या दही वाली ग्रेवी
इसके अलावा दही से बनी डिश जैसे कढ़ी या दही वाली ग्रेवी भी लोहे की कड़ाही में बनाने से बचना चाहिए। इन व्यंजनों में मौजूद खटास बर्तन के साथ प्रतिक्रिया कर सकती है, जिससे खाने का स्वाद और रंग प्रभावित हो सकता है।
लोहे की कड़ाही में खाना बनाने के क्या है फायदे
लोहे की कड़ाही में खाना पकाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे भोजन में प्राकृतिक आयरन की मात्रा बढ़ सकती है। यह शरीर मेंको दूर करने में मददगार हो सकता है। इसके अलावा, इसमें बना खाना अधिक स्वादिष्ट और अच्छी तरह रोस्टेड होता है।
नॉन-स्टिक बर्तनों की तुलना में लोहे की कड़ाही को ज्यादा सुरक्षित भी माना जाता है, क्योंकि इसमें किसी तरह की केमिकल कोटिंग नहीं होती। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह लंबे समय तक टिकती है और हेल्दी कुकिंग का अच्छा विकल्प बन सकती है।



