Please assign a menu to the primary menu location under menu

Health

सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है बेमौसम बारिश, स्वामी रामदेव ने बताया शरीर की हिफाजत करने का तरीका

बेमौसम बारिश
Image Source : FREEPIK

जंग जब सरहदों पर भड़कती है, तो उसका धुआं सिर्फ आसमान तक नहीं रहता, वो फिजा का मिजाज भी बिगाड़ देता है, हवा को जहरीला, बादलों को भारी और बारिश को साइलेंट किलर बना देता है। मिडिल ईस्ट में गैस फील्ड, तेल ठिकानों पर हमलों के बाद उठता काला धुआं अब सिर्फ एक मुल्क की कहानी नहीं, ये आबोहवा के बिगड़ते मंजर की ऐसी तस्वीर है, जिसमें बारिश भी राहत नहीं, आफत बन सकती है। यही वजह है कि अब चर्चा सिर्फ बम और बारूद की नहीं बल्कि उस ‘काली बारिश’ की भी हो रही है जिसमें कालिख, जहरीली गैस, एसिडिक सब्सटेंस और तेल जलने से बने खतरनाक कण घुलकर जमीन पर लौट सकते हैं। ऐसी बारिश आंखों में जलन, स्किन पर रिएक्शन, गले में खराबी और सांस लेने में दिक्कत जैसी परेशानियां बढ़ा सकती है।

खतरनाक बेमौसम बारिश- बेमौसम होने वाली बारिश आपकी सेहत को बुरी तरह से प्रभावित कर सकती है। तेल के जलने से जो फाइन पार्टिकल्स बनते हैं, वो फेफड़ों की गहराई तक पहुंचकर अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ा सकते हैं, हार्ट पर दबाव पड़ सकता है, माइग्रेन, खांसी और सीने में जलन जैसी दिक्कतें भी सामने आ सकती हैं। भारत के लिए अलर्ट इसलिए बड़ा है क्योंकि दुनिया अब मौसम, प्रदूषण और एयर फ्लो से जुड़ी हुई है। अगर जंग लंबी चली, तेल ठिकानों और जहाजों में आग का सिलसिला बढ़ा, तो उसका असर सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, हवा, समुद्री रूट, एनर्जी क्राइसिस, सब मिलकर हेल्थ रिस्क को और बड़ा बना सकते हैं।

गौर करने वाली बात- क्या जंग का धुआं आने वाले दिनों में बीमारी की बारिश कर सकता है? क्या काली बारिश, जहरीली हवा से स्किन, आंख, फेफड़े, दिल, सब पर नया खतरा मंडरा रहा है? अगर ‘दुनिया का मौसम’ जंग से जख्मी होगा तो इंसान की सेहत कब तक महफूज रहेगी? इन सभी सवालों का जवाब तो वर्ल्ड लीडर्स ही दे सकते हैं। लेकिन इससे बचने के उपाय, खासकर जिस तरह मौसम भी पल-पल बदल रहा है, उसका समाधान तो विश्व प्रसिद्ध योगगुरु स्वामी रामदेव के पास ही है।

थाम लीजिए योग आयुर्वेद का हाथ- अगर आप अपनी सेहत को मजबूत बनाना चाहते हैं, इम्यूनिटी को बूस्ट करना चाहते हैं और शरीर को बीमारियों की चपेट में आने से बचाना चाहते हैं, तो आपको योग और आयुर्वेद का हाथ थाम लेना चाहिए। योग को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बना लीजिए और महज कुछ ही हफ्तों में आपको खुद-ब-खुद पॉजिटिव असर महसूस होने लगेगा। इसके अलावा अपने डाइट प्लान में कुछ आयुर्वेदिक जड़ीबूटियों को भी शामिल कर लीजिए।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

hi.quicksamachar@gmail.com

Leave a Reply