
Sweden Prison vs Hostel Comparison : सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें गोपी कपाड़िया ने स्वीडन की एक जेल के अंदर की झलक दिखाई है। वीडियो में जेल की सुविधाएं देखकर लोग हैरान रह गए हैं।
साफ-सुथरे कमरे, भरपूर रोशनी, आरामदायक बेड, प्राइवेट वॉशरूम और पढ़ाई के लिए अलग जगह जैसी सुविधाएं इस जेल को किसी मॉडर्न हॉस्टल जैसा बना देती हैं। यही वजह है कि कई यूजर्स इसे भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों के हॉस्टल से भी बेहतर बता रहे हैं।
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स्वीडन की लग्जरी जेल का वीडियो हुआ वायरल
सामने आने के बाद इस पर बहस छिड़ गई है। कई लोगों ने IIT और AIIMS जैसे संस्थानों के हॉस्टल की स्थिति पर सवाल उठाए।
यूजर्स का कहना है कि जहां भारत में कई हॉस्टल्स में भीड़भाड़ और सीमित सुविधाएं देखने को मिलती हैं, वहीं स्वीडन की जेलों में कैदियों को बेहतर जीवन स्तर दिया जाता है। पर कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में यह तक कह दिया कि ऐसी जेल में रहने का मन कर रहा है।
दुनिया भर की जेलों से स्वीडन की जेल ज्यादा प्रगतिशील
दरअसल, स्वीडन का जेल सिस्टम सजा देने के साथ-साथ सुधार पर भी जोर देता है। वहां कैदियों को सामान्य जीवन जैसी सुविधाएं दी जाती हैं, ताकि वे समाज में वापस लौटकर बेहतर जीवन जी सकें।
यही वजह है कि दुनिया भर में स्वीडन की जेलों को प्रगतिशील और मानवीय माना जाता है। इस वीडियो ने न सिर्फ लोगों को चौंकाया है, बल्कि भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं को लेकर भी एक नई बहस शुरू कर दी है।



