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Bollywood

13 साल की उम्र में डेब्यू, न मिला वो मुकाम जिसके थे हकदार, फिर भी दिलों में जिंदा हैं विनोद मेहरा

13 साल की उम्र में डेब्यू, न मिला वो मुकाम जिसके थे हकदार, फिर भी दिलों में जिंदा हैं विनोद मेहरा

Vinod Mehra Birth Anniversary: हिंदी सिनेमा के संवेदनशील और सहज अभिनेताओं में विनोद मेहरा का नाम खास सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने बिना किसी शोर-शराबे के, अपने शांत और भावुक अभिनय से दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। मासूम चेहरा, सादगी भरा व्यक्तित्व और आंखों से भावनाएं व्यक्त करने की कला उन्हें भीड़ से अलग बनाती थी।

13 फरवरी 1945 को अमृतसर में जन्मे विनोद मेहरा ने बहुत कम उम्र में ही अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था। साल 1958 में रिलीज हुई फिल्म रागिनी में उन्होंने बाल कलाकार के रूप में काम किया, जिसमें उन्होंने किशोर कुमार के बचपन का किरदार निभाया। इसके बाद 1971 में फिल्म एक थी रीता से बतौर अभिनेता उन्होंने नई पारी की शुरुआत की।

विनोद मेहरा का करियर

70 के दशक में जब धर्मेंद्र और राजेश खन्ना जैसे सितारे बॉक्स ऑफिस पर छाए हुए थे, उस समय विनोद मेहरा ने अपनी सौम्य और चॉकलेटी इमेज से अलग पहचान बनाई। उनका अभिनय दिखावे से दूर और बेहद स्वाभाविक था। वे किरदार को निभाते नहीं थे, बल्कि उसे जीते थे। उनकी आंखों की नमी, हल्की मुस्कान और संवाद अदायगी की खास शैली दर्शकों को गहराई से छू जाती थी।

विनोद मेहरा की फिल्में

उनकी यादगार फिल्मों में अनुराग, अमर प्रेम, घर, बेमिसाल, लाल पत्थर और स्वीकार किया मैंने जैसी फिल्में शामिल हैं। फिल्म ‘लाल पत्थर’ में उनका संवेदनशील किरदार आज भी याद किया जाता है। उन्होंने फिल्म गुरुदेव का निर्देशन और निर्माण भी किया, लेकिन 30 अक्टूबर 1990 को दिल का दौरा पड़ने से 45 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। यह फिल्म उनकी मृत्यु के बाद रिलीज हुई।

विनोद मेहरा की पर्सनल लाइफ

विनोद मेहरा की पर्सनल लाइफ भी सुर्खियों में रही। अभिनेता ने अपनी जिंदगी में तीन शादियां की थीं। उनकी मीना ब्रोका, और किरण मेहरा तीन पत्नी थीं, और चौथी शादी अभिनेत्री रेखा से करने की अफवाह है। हालांकि, इस खबर का रेखा ने एक इंटरव्यू में खंडन किया था। यासिर उस्मान की किताब Rekha: The Untold Story में इस रिश्ते का जिक्र मिलता है, हालांकि इसे कभी आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया।

रेखा और विनोद मेहरा का रिश्ता

फिल्म ‘ऐलान’ की शूटिंग के दौरान और विनोद मेहरा के बीच आकर्षण बढ़ने लगा। दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे और 1970 के दशक में उन्होंने चुपके से शादी कर ली। यह शादी कोलकाता में हुई थी। शादी के बाद विनोद मेहरा रेखा को बॉम्बे अपने घर ले गए, लेकिन परिवार ने इस रिश्ते को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया। घरवालों के विरोध के कारण यह रिश्ता ज्यादा दिनों तक नहीं चल सका और दोनों अलग हो गए। फिर भी, दोनों के बीच का यह प्रेम और शादी का राज लंबे समय तक चर्चा में रहा। हालांकि, यह रिश्ता कभी ऑफिशियल नहीं हुआ।

hi.quicksamachar@gmail.com

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