3000 महीना कमाई, ताई ने कमरे में किया कब्जा… 8वीं के छात्र ने बेबाकी से रखी अपनी बात, DM के सामने छोड़ गया बड़े सवाल

3000 महीना कमाई, ताई ने कमरे में किया कब्जा… 8वीं के छात्र ने बेबाकी से रखी अपनी बात, DM के सामने छोड़ गया बड़े सवाल

Lakhimpur News: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में शनिवार को आयोजित तहसील समाधान दिवस में उस समय एक बेहद दिलचस्प और अनोखा नजारा देखने को मिला, जब फरियादियों की कतार में एक 13 साल का बच्चा सीधे जिले के आला अधिकारियों के सामने जा पहुंचा. आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले इस छात्र ने अपनी पारिवारिक तंगहाली और समस्या को जिस बेबाक, संजीदा और अनोखे अंदाज में जिलाधिकारी के समक्ष रखा, उसने न सिर्फ वहां मौजूद अफसरों का दिल जीत लिया बल्कि उन्हें सोचने पर भी मजबूर कर दिया. बच्चे की इस मासूमियत और हाजिर जवाबी की चर्चा अब पूरे सूबे में हो रही है.

3000 महीना कमाई, ताई ने कमरे में किया कब्जा… 8वीं के छात्र ने बेबाकी से रखी अपनी बात, DM के सामने छोड़ गया बड़े सवाल

इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. शहर के ईदगाह मुहल्ले का रहने वाला 13 वर्षीय छात्र अमिताभ गुप्ता अपनी मां की मदद करने के लिए खुद समाधान दिवस में अपनी अर्जी लेकर पहुंचा था. अमिताभ ने बेहद संजीदगी और ईमानदारी के साथ अधिकारियों को अपनी माली हालत के बारे में बताया. मासूम ने कहा कि आज के इस मंहगाई के दौर में उनके घर का खर्च चलना बेहद मुश्किल हो गया है. घर में रोजाना महज 50 रुपये की सब्जी आती है, जिससे पूरे परिवार का गुजारा नहीं हो पा रहा है.

छात्र ने डीएम के सामने गुहार लगाते हुए बताया कि उनके ईदगाह मुहल्ले वाले पैतृक मकान के एक हिस्से में उसकी ताई ने जबरन ताला लगा दिया है. उसने रोना रोते हुए कहा कि साहब, अगर किसी तरह वह ताला खुल जाए, तो उसकी मम्मी उस हिस्से को किराए पर उठा देंगी. उससे जो मासिक किराया मिलेगा, उससे उनके घर का चूल्हा आसानी से जल सकेगा और परिवार को तंगहाली से मुक्ति मिलेगी.

मासूम ने सीधे डीएम से दाग दिए व्यवस्था पर सवाल

अपनी अर्जी पेश करतेकरते इस नन्हे बालक ने देश में बढ़ रही महंगाई और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सीधे जिलाधिकारी के सामने अपनी बात रखी. अमिताभ ने डीएम से सवालिया लहजे में कहा कि उसकी बड़ी दीदी ने 9वीं कक्षा पास कर ली है, लेकिन अब उसे सरकार की तरफ से मुफ्त में किताबें और कापियां नहीं मिल रही हैं, जिससे उसकी आगे की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। बच्चे ने प्रशासनिक अधिकारियों को झकझोरते हुए कहा कि उसकी मां महीने में केवल 3,000 रुपये कमा पाती हैं. आज के इस मंहगाई के दौर में इतनी कम रकम में घर चलाना और बच्चों को पढ़ाना पूरी तरह असंभव हो गया है.

‘साहब देखना नहीं है… बस करवा दीजिए!’

13 साल के बच्चे के मुंह से इतनी बड़ी और व्यावहारिक बातें सुनकर समाधान दिवस में बैठे अधिकारियों के चेहरे पर एक साथ मुस्कान और अचरज के भाव आ गए. डीएम ने मामले की गंभीरता और बच्चे की मासूमियत को देखते हुए तुरंत स्थानीय पुलिस को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए. मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर राजेश सिंह ने जब बच्चे की पीठ थपथपाई और उसे ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिया कि ‘बेटा परेशान मत हो, आज ही तुम्हारा मामला चलकर देखते हैं.’

इंस्पेक्टर की बात सुनते ही अमिताभ ने बिना एक पल गंवाए तपाक से कहा, ‘साहब, देखना नहीं है… बस करवा दीजिए इसको!’ बच्चे की इस हाजिर जवाबी और बेबाक शैली को सुनकर जिलाधिकारी समेत हॉल में मौजूद सभी छोटेबड़े अधिकारी और कर्मचारी ठहाका मारकर हंस पड़े.

अमिताभ की इस बेबाकी ने अधिकारियों को तुरंत एक्शन लेने पर मजबूर कर दिया. जिलाधिकारी के सख्त निर्देश के बाद पुलिस विभाग की टीम को तुरंत पीड़ित परिवार के घर भेजा गया ताकि ताई द्वारा लगाए गए ताले के विवाद को सुलझाया जा सके और इस होनहार बच्चे की दीदी की पढ़ाई व परिवार की आजीविका की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके. डिजिटल मीडिया पर अब इस छोटे बच्चे के हौसले और हाजिर जवाबी की जमकर तारीफ हो रही है.

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