समुद्र में पकड़ा अमेरिकी ‘जासूस

तेहरान/होर्मुज | ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से एक बड़ा दावा सामने आया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना ने दावा किया है कि उसने समुद्र में सक्रिय एक अमेरिकी Remus 600 मानवरहित अंडरवॉटर व्हीकल को अपने कब्जे में ले लिया है। ईरानी सरकारी मीडिया ने इस कार्रवाई का वीडियो फुटेज भी जारी किया है।
IRGC ने VIDEO जारी कर क्या कहा?
IRGC के मुताबिक, यह कार्रवाई खुफिया निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर क्षमताओं के इस्तेमाल से किए गए एक “समन्वित और जटिल अभियान” के तहत की गई। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। ईरानी सेना का आरोप है कि Remus 600 होर्मुज जलडमरूमध्य में जासूसी गतिविधियों के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा था।
ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि कब्जे में लिए गए अंडरवॉटर व्हीकल को सैन्य विशेषज्ञों के हवाले कर दिया गया है। विशेषज्ञ इसके सिस्टम और उसमें मौजूद डेटा की जांच कर रहे हैं तथा जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही है।
क्या है Remus 600?
Remus 600 एक स्वायत्त मानवरहित अंडरवॉटर व्हीकल है, जिसे समुद्र के भीतर निगरानी, सर्वेक्षण, समुद्री तल की मैपिंग और अन्य मिशनों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यह किसी इंसान द्वारा सीधे संचालित पनडुब्बी के बजाय एक ऑटोनॉमस अंडरवॉटर सिस्टम है।
अमेरिका ने क्या कहा?
ईरान के ताजा दावे पर अमेरिकी पक्ष ने अलग रुख अपनाया है। US CENTCOM ने ईरानी दावे को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका के सभी ऑपरेशनल ड्रोन एसेट्स उसके नियंत्रण में हैं। इसलिए इस कथित जब्ती और उसके जासूसी मिशन से जुड़े ईरानी दावे की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
इस महीने दूसरी बार ऐसा दावा
यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने अमेरिकी अंडरवॉटर सिस्टम को कब्जे में लेने का दावा किया है। इससे पहले सितंबर में IRGC ने DiveLD नामक एक अन्य अमेरिकी मानवरहित अंडरवॉटर वाहन को पकड़ने का दावा किया था। उस मामले में अमेरिकी पक्ष ने कहा था कि वाहन पहले ही खराब हो चुका था और क्षेत्रीय जल की निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक समुद्री मार्गों में शामिल है। यहां किसी भी सैन्य गतिविधि या समुद्री यातायात पर प्रतिबंध का असर क्षेत्रीय सुरक्षा के साथसाथ तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति पर भी पड़ सकता है। ताजा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच इस क्षेत्र को लेकर तनाव बना हुआ है।