प्रेमानंद महाराज के लिए कौन सा काम करते थे शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी?​

प्रेमानंद महाराज के लिए कौन सा काम करते थे शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी?​

Premanand Maharaj Disciple Death Mystery: प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है. पुलिस हत्या और आत्महत्या समेत विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है. इसी बीच अब दीपक के आश्रम से जुड़ने और उनके आध्यात्मिक जीवन से जुड़ी कई जानकारियां सामने आई हैं. दीपक लोधी मूल रूप से जबलपुर के एक गांव के रहने वाले थे.

वो करीब दो वर्ष पहले प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े थे. आश्रम से जुड़ने के बाद उन्होंने गुरु का आशीर्वाद लिया और वहां रहकर सेवा कार्य करने लगे. अन्य सेवकों और शिष्यों की तरह वह भी आश्रम की व्यवस्थाओं में अपना योगदान देते थे. इसी बीच सोशल मीडिया पर दीपक का एक वीडियो सामने आया है. वीडियो में वह रिंकू सिंह के साथ ब्रज क्षेत्र में मधुकरी मांगते हुए दिखाई दे रहे हैं.

ब्रज में मधुकरी मांगते हुए भी बिताया जीवन

वीडियो में एक महिला उन्हें मधुकरी देती नजर आती है. इससे यह संकेत मिलता है कि दीपक कुछ समय ब्रज में मधुकरी मांगते हुए और आध्यात्मिक जीवन का पालन करते हुए भी रहे. दीपक के करीबी बताए जा रहे एक व्यक्ति, जिनका गुरुद्वारा से मिला नाम रंगीली दास बताया गया है और मूल नाम राजू पटेल बताया जा रहा है, ने उनके बारे में कई बातें साझा की हैं.

रंगीली दास का दावा है कि दीपक करीब दो महीने तक प्रेमानंद महाराज के आश्रम में रुके थे. उनके मुताबिक, दीपक ने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की थी, जहां उन्हें अपनी इच्छा के अनुसार कहीं भी रहने और भजन करने की बात कही गई थी. दावा है कि उन्हें आश्रम में आनेजाने पर किसी तरह की रोक नहीं थी.

राधा अष्टमी के दिन हुई थी आखिरी मुलाकात

रंगीली दास के अनुसार, दीपक का व्यवहार बेहद अच्छा था और उन्होंने कभी किसी परेशानी या तनाव की बात उनसे साझा नहीं की. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि राधा अष्टमी के दिन उनकी दीपक से आखिरी मुलाकात हुई थी, जब दीपक आश्रम में साधु सेवा कर रहे थे. इसके बाद दोनों की मुलाकात नहीं हुई. सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि दीपक आध्यात्मिक जीवन जी रहे थे, मधुकरी मांगते थे और आश्रम से भी जुड़े हुए थे, तो आखिर उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई?

इसी सवाल का जवाब अब पुलिस जांच से मिलने की उम्मीद है. पुलिस मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ करने के साथसाथ उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों की जांच कर रही है. मौत के कारणों को लेकर सामने आ रहे अलगअलग दावों की भी जांच की जा रही है. दीपक को कई मौकों पर सफेद वस्त्रों में देखा गया. वहीं प्रेमानंद महाराज की परंपरा से जुड़े साधुसंतों और भक्तों में पीले तथा सफेद वस्त्र दोनों दिखाई देते हैं.

सफेद रंग शांति, पवित्रता और सादगी का प्रतीक

उपलब्ध आध्यात्मिक व्याख्याओं के अनुसार पीला रंग भगवान श्रीकृष्ण के पीतांबर से जुड़ा माना जाता है, जबकि सफेद रंग शांति, पवित्रता और सादगी का प्रतीक माना जाता है. हालांकि, दीपक द्वारा विशेष रूप से सफेद वस्त्र धारण करने के पीछे कोई व्यक्तिगत या आधिकारिक कारण क्या था, इस संबंध में अभी तक आश्रम की ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.


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