उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के KGMU में नर्सिंग छात्रों का धरना लगातार नौंवे दिन जारी है. छात्रा दिव्यांशी की मौत के विरोध में छात्र छात्राएं लगातार धरने पर बैठकर प्रिंसिपल और डीन के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर धरने पर बैठे छात्र व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं. मांगे नहीं माने जाने पर अब भूख हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है.

उधर, केजीएमयू प्रशासन ने धरने पर बैठे छात्रछात्राओं के अभिभावकों को पत्र लिखकर कड़ी चेतावनी दी है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसमें केजीएमयू प्रशासन ने अभिभावकों को कड़े शब्दों में चेताते हुए छात्रों को प्रदर्शन से दूर रखने को कहा है. कहा कि शिक्षण प्रशिक्षण से लगातार अनुपस्थित की वजह से उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है. इस धरना प्रदर्शन को अनुशासन के खिलाफ बताते हुए KGMU ने कहा कि इससे छात्रों की अटेंडेंस पर भी असर पड़ रहा है.
डेंगू से हुई थी दिव्यांशी की मौत
केजीएमयू में बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा दिव्यांशी की मौत डेंगू की वजह से हुई थी. काफी समय तक बुखार से पीड़ित होने के बाद भी उसे छुट्टी नहीं मिली तो वाराणसी निवासी उसके परिजन यहां से उसे ले गए थे. उसकी मौत के बाद से ही साथी छात्राएं केजीएमयू में व्यवस्था में सुधार के अलावा डीन और प्रिंसिपल को हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गई थीं.
परिजनों ने सीएम को लिखा पत्र
मृत छात्रा दिव्यांशी की मां ने सीएम योगी, प्रमुख सचिव और केजीएमयू प्रशासन को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. इस पत्र में परिजनों ने दिव्यांशी की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. वहीं छात्रा के पिता ने खुद धरने में शामिल होने की बात कही है. मामला बढ़ते देख केजीएमयू प्रशासन ने धरने पर बैठे छात्रों के अभिभावकों को पत्र लिखा है.