केयरटेकर वरुण ने की रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल की हत्या? भोपाल पुलिस को मिले अहम सबूत​

केयरटेकर वरुण ने की रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल की हत्या? भोपाल पुलिस को मिले अहम सबूत​

Bhopal Crime News: भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र स्थित सूरजनगर में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या कर दी गई. इस मामले में पुलिस की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पुलिस पड़ताल में वारदात के पीछे उनके घर पर तैनात केयरटेकर वरुण का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया है. वरुण को महज चार दिन पहले ही ‘वर्मा होम हेल्थ केयर एजेंसी’ के जरिए राकेश अग्रवाल की देखरेख और देखभाल के लिए काम पर रखा गया था. वारदात को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी वरुण मौकाएवारदात से फरार है.

जांच के दौरान पुलिस को मौके से सबसे अहम और सनसनीखेज सुराग मिला. आरोपी वरुण ने राकेश अग्रवाल का गला रेतकर हत्या करने के बाद पूरे घर को उड़ाने की साजिश रची थी. आरोपी ने रसोई घर में रखे एक LPG सिलेंडर का रेगुलेटर खोला और फिर घर में रखे दूसरे सिलेंडर का वाल्व भी खोल दिया. आरोपी की मंशा थी कि पूरे घर में LPG गैस फैल जाए, जिससे किसी भी वक्त आग लगने या ब्लास्ट होने से पूरा मकान तबाह हो जाए और हत्या के सारे सबूत हमेशा के लिए जलकर राख हो जाएं.

सबूत मिटाने की थी कोशिश

मामले की जानकारी देते हुए ACP अंकिता खातरकर ने बताया कि पुलिस को सुबह करीब 5:30 बजे सूरजनगर स्थित मकान में रिटायर्ड अधिकारी की हत्या की सूचना मिली थी. पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो राकेश अग्रवाल का शव खून से लथपथ हालत में मिला, जिनकी धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या की गई थी. एसीपी ने पुष्टि की कि घटनास्थल पर दोनों सिलेंडरों के वाल्व खुले पाए गए, जिससे साफ होता है कि हत्या के बाद साक्ष्यों को मिटाने के उद्देश्य से धमाका कराने की साजिश रची गई थी.

पुलिस की विशेष टीमें गठित, आरोपी की तलाश तेज

पुलिस के अनुसार, मृतक राकेश अग्रवाल का एक बेटा सिद्धार्थ अग्रवाल है, जो अमेरिका में रहता है. उन्हें घटना की सूचना दे दी गई है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। फिलहाल, भोपाल पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें केयरटेकर वरुण की धरपकड़ के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं. साथ ही वर्मा होम हेल्थ केयर एजेंसी के रिकॉर्ड और पुलिस वेरिफिकेशन की भी गहनता से जांच की जा रही है ताकि आरोपी की मंशा और हत्या के असली मकसद का पता लगाया जा सके.

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