पहले भरोसा जीता फिर ऑटो में लिफ्ट देकर महिला से सामूहिक दुष्कर्म किया, गला रेतकर सड़क किनारे फेंका, डेढ़ महीने बाद FIR

पहले भरोसा जीता फिर ऑटो में लिफ्ट देकर महिला से सामूहिक दुष्कर्म किया, गला रेतकर सड़क किनारे फेंका, डेढ़ महीने बाद FIR
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आगरा में ऑटो चालक ने 50 वर्षीय महिला को लिफ्ट दी, फिर सुनसान इलाके में ले जाकर साथियों संग गैंगरेप किया. विरोध करने पर गला रेतकर फेंक दिया. मामले में डेढ़ महीने बाद FIR हुई.

Agra Crime News : आगरा में ऑटो में लिफ्ट देने के बहाने 50 वर्षीय महिला से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है. आरोप है कि परिचित ऑटो चालक अपने साथी के साथ महिला को सुनसान इलाके में ले गया. वहां दोनों ने चाकू दिखाकर उसके साथ दुष्कर्म किया. विरोध करने पर महिला पर चाकू से कई वार किए और उसका गला रेत दिया. इसके बाद आरोपी उसे मरणासन्न हालत में सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए. मामले में पुलिस आयुक्त के निर्देश पर घटना के करीब डेढ़ महीने बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है.

मंदिर से दर्शन कर घर लौट रही थी महिला

पीड़िता थाना ट्रांस यमुना इलाके की रहने वाली है. महिला के मुताबिक, 10 अगस्त को वह बल्केश्वर महादेव मंदिर से दर्शन कर घर लौट रही थीं. वाटर वर्क्स चौराहे पर उन्हें परिचित ऑटो चालक कृष्णा मिला. कृष्णा टेढ़ी बगिया का रहने वाला बताया गया है. परिचित होने के कारण ऑटो चालक ने महिला को घर छोड़ने की बात कही और उन्हें ऑटो में बैठा लिया. ऑटो में पहले से एक अन्य युवक भी मौजूद था.

सुनसान रास्ते पर ले जाकर की वारदात

आरोप है कि भाटिया पेट्रोल पंप के पास चालक ने ऑटो को श्मशान घाट की ओर मोड़ दिया. इसके बाद दोनों आरोपी महिला को सुनसान रास्ते पर ले गए. वहां साड़ी से गला दबाया और चाकू दिखाकर महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. महिला के विरोध करने पर आरोपियों ने चाकू से कई वार किए और गला रेत दिया. इसके बाद दोनों आरोपी उन्हें सड़क किनारे मरणासन्न हालत में छोड़कर भाग गए.

पुलिस की गाड़ी का सायरन सुनकर भागे आरोपी

पीड़िता के मुताबिक, वारदात के दौरान पुलिस की गाड़ी के सायरन की आवाज सुनाई दी. इसके बाद दोनों आरोपी मौके से भाग गए. घायल महिला पर गश्त कर रही पुलिस की नजर पड़ी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. पीड़िता का कहना है कि अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान करीब चार दिन बाद उन्हें होश आया. पुलिसकर्मियों ने उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया था.

डेढ़ महीने बाद दर्ज हुई प्राथमिकी

पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने उन्हें एक थाने से दूसरे थाने भेज दिया. मामले में करीब डेढ़ महीने बाद पुलिस आयुक्त के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस का कहना है कि महिला की तहरीर में दुष्कर्म का उल्लेख नहीं था. पीड़िता के बयान के आधार पर धाराएं बढ़ाई जाएंगी.

बयान के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई

एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा ने बताया कि महिला घायल अवस्था में पीआरवी कर्मियों को मिली थीं. उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था. थाने पर महिला के घायल होने की सूचना नहीं थी. उन्होंने बताया कि महिला की तहरीर मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। पीड़िता के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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