
Raigarh News: रायगढ़। पुसौर पुलिस ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित मामले में फरार आरोपी को बिहार के मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता मिली है। पुसौर पुलिस ने आरोपी मोहम्मद जुबैर आलम पिता मोहम्मद मुस्लिम आलम 38 वर्ष निवासी बिहार को हिरासत में लेकर रायगढ़ लाया।
जानिए पूरा मामला
आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त Vivo कंपनी का मोबाइल फोन जप्त किया गया है। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, इंटरनेट एवं सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री को देखने, अपलोड करने अथवा साझा करने के मामलों में साइबर निगरानी के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं पर संबंधित पुलिस इकाइयों द्वारा वैधानिक कार्रवाई की जाती है। इसी क्रम में पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर के माध्यम से प्राप्त साइबर टिप लाइन से संबंधित जानकारी एसपी कार्यालय रायगढ़ को प्राप्त हुई, जिसे आवश्यक कार्रवाई के लिए थाना पुसौर भेजा गया।
जांच के दौरान पाया गया कि 25 मार्च 2026 को पुसौर थाना क्षेत्र के लारा NTPC क्षेत्र से सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बच्चों से संबंधित अश्लील वीडियो देखा व अपलोड किया गया था। जांच में उक्त वीडियो चाइल्ड पोर्नोग्राफी की श्रेणी का पाए जाने पर थाना पुसौर में 25 अगस्त को अपराध धारा 294 भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 67(B) आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जाँच में लिया गया।
बिहार से आरोपी गिरफ्तार
विवेचना के दौरान संबंधित मोबाइल नंबर की तकनीकी जानकारी व मोबाइल डिटेल का परीक्षण करने पर उसके मुजफ्फरपुर, बिहार में संचालित होने की जानकारी प्राप्त हुई। इसके बाद थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल बिहार रवाना हुई और तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी मोहम्मद जुबैर आलम को ग्राम सुमेरा, थाना कुढ़नी, जिला मुजफ्फरपुर से हिरासत में लिया गया।
आरोपी को भेजा गया जेल
पुलिस आरोपी को रायगढ़ लेकर पहुंची, जहां पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले वर्ष पुसौर थाना क्षेत्र के लारा NTPC में ठेकेदार के अधीन पोकलेन मशीन चलाने का काम करता था और इसी दौरान उक्त घटना घटित हुई थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से Vivo मोबाइल फोन जप्त किया है। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस द्वारा सोशल मीडिया एवं इंटरनेट के माध्यम से बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री के प्रसार व अपलोड किए जाने के मामलों में प्राप्त साइबर सूचनाओं पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। ऐसे मामलों में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का तकनीकी परीक्षण कर संबंधित आरोपियों की पहचान एवं गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाती है।