नीट2026 को लेकर संसद मार्च के दौरान सोमवार को हुए बवाल के बाद केंद्र और दिल्ली सरकार ने भीड़ की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, जांच का सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल ऐसे लोगों का उद्देश्य क्या था, जिनका नीट परीक्षा से प्रत्यक्ष संबंध नहीं था। यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या इन्हें किसी खास मकसद से दिल्ली बुलाया गया था और इनके पीछे कौन लोग थे?

किस एंगल से जांच कर रही पुलिस?
पुलिस प्रदर्शन स्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरों और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर लोगों की पहचान करेगी। बवाल और सरकारी काम में बाधा डालने समेत विभिन्न धाराओं में कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पहचान पूरी होने के बाद उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। संसद मार्च में बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी शामिल हुए, जिनका परीक्षा से प्रत्यक्ष या फिर अप्रत्यक्ष तौर पर कोई संबंध नहीं था। प्रदर्शन में ट्रक ड्राइवर, जोमैटो और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के डिलीवरी बॉय से लेकर दिहाड़ी मजदूर तक शामिल हुए। कई राजनीतिक दलों और संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथसाथ अलगअलग राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। रेलवे, ट्रांसपोर्ट विभाग से मिले आंकड़ों से ये भी पता चलता है कि भीड़ का बड़ा हिस्सा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब से आया था।
कई इलाकों में हुईं हिंसक झड़पें
दिल्ली के अलगअलग इलाकों में सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों में हिंसक झड़पें हुईं। एटा से पहुंचे साहिल जोमैटो डिलीवरी बॉय हैं। साहिल कहते हैं कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते वो प्रदर्शन जारी रखेंगे। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। गुरुग्राम से पहुंचे इरफान ने कहा कि वो एक कंपनी में हेल्पर का काम करते हैं। इरफान भी प्रदर्शन में शामिल होने का कोई खास कारण नहीं बता पाए। लुधियाना से आए गुरविंदर ट्रक चलाते हैं।