दादा थे जेलर, पिता प्रधान, खुद बने त्रिपुरा के DGP… नीरव मोदी केस की जांच करने वाले IPS अनुराग की मौत पर बागपत के गांव में मातम

दादा थे जेलर, पिता प्रधान, खुद बने त्रिपुरा के DGP… नीरव मोदी केस की जांच करने वाले IPS अनुराग की मौत पर बागपत के गांव में मातम

Anurag Dhankar Tripura DGP death: त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक सोमवार को अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में अपने कार्यालय में मृत पाए गए. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह मामला कथित तौर पर सुसाइड का बताया जा रहा है. हालांकि, उनकी मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. उनके निधन की खबर से पुलिस महकमे के साथसाथ उनके पैतृक गांव बागपत के बिहारीपुर में भी शोक की लहर है.

दादा थे जेलर, पिता प्रधान, खुद बने त्रिपुरा के DGP… नीरव मोदी केस की जांच करने वाले IPS अनुराग की मौत पर बागपत के गांव में मातम

अनुराग धनकड़ उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बिहारीपुर गांव के निवासी थे. उनके परिवार के कई सदस्य सरकारी सेवाओं में अपना योगदान दे चुके हैं. उनके दादा हीरा सिंह धनकड़ मेरठ जेल में सुपरिटेंडेंट जेलर के पद पर कार्यरत रहे. वहीं, परिवार के जय सिंह धनकड़ ने भी जेल विभाग में जेलर के रूप में अपनी सेवाएं दीं. इन दोनों अधिकारियों ने परिवार में अनुशासन, ईमानदारी और सार्वजनिक सेवा की मजबूत परंपरा स्थापित की.

पिता रहे दो बार ग्राम प्रधान

अनुराग धनकड़ के पिता स्वर्गीय सतपाल सिंह धनकड़ लगातार दो बार बिहारीपुर गांव के ग्राम प्रधान चुने गए थे. ग्रामीणों के अनुसार, उनके कार्यकाल में गांव में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए. जनसेवा और सामाजिक नेतृत्व के कारण धनकड़ परिवार को पूरे क्षेत्र में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है. इसी माहौल में पलेबढ़े अनुराग धनकड़ ने बचपन से ही अनुशासन और जिम्मेदारी की सीख हासिल की, जिसने आगे चलकर उनके प्रशासनिक जीवन की मजबूत नींव तैयार की.

बैंक की नौकरी से शुरू हुआ करियर

शिक्षा पूरी करने के बाद अनुराग धनकड़ ने बड़ौत स्थित सिंडिकेट बैंक में फील्ड ऑफिसर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की. नौकरी करने के साथसाथ उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी जारी रखी. उनकी मेहनत रंग लाई और वर्ष 1994 में वह भारतीय पुलिस सेवा के लिए चयनित हुए. आईपीएस बनने के बाद उन्होंने करीब तीन दशक तक विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और अपनी कार्यशैली से अलग पहचान बनाई.

CBI में निभाईं कई अहम जिम्मेदारियां

अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान अनुराग धनकड़ ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो में एसपी, डीआईजी, संयुक्त निदेशक और अतिरिक्त निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया. उन्होंने देश के चर्चित पंजाब नेशनल बैंक घोटाले से जुड़े भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी मामले की जांच का नेतृत्व भी किया. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इस हाईप्रोफाइल जांच में उनकी भूमिका काफी अहम मानी जाती है.

इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में आईजी , सीमा सुरक्षा बल और संयुक्त राष्ट्र के कोसोवो मिशन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं.

त्रिपुरा DGP बनने तक का सफर

अनुराग धनकड़ ने गृह मंत्रालय के अधीन गठित 1984 के सिख विरोधी दंगों की विशेष जांच टीम के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया. इसके बाद उन्होंने त्रिपुरा पुलिस के खुफिया विभाग में उप महानिदेशक की जिम्मेदारी संभाली.

उनके अनुभव और प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए मई 2025 में उन्हें त्रिपुरा का पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया. इस पद पर रहते हुए उन्होंने राज्य की कानूनव्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए.

परिवार में भी कई सदस्य देश सेवा से जुड़े

अनुराग धनकड़ का परिवार आज भी विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय है. उनके बड़े भाई विवेक धनकड़ भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में दिल्ली में रहते हैं. छोटे भाई रविराज धनकड़ बड़ौत में व्यवसाय करते हैं, जबकि उनके चचेरे भाई लोकेंद्र धनकड़ बागपत में अधिवक्ता हैं.

प्रेरणादायक रहा जीवन का सफर

बिहारीपुर गांव की पुरानी हवेली से निकलकर देश की सर्वोच्च पुलिस सेवाओं में जगह बनाना अनुराग धनकड़ की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का उदाहरण माना जाता है. बैंक की नौकरी से लेकर देश की प्रमुख जांच एजेंसियों और सुरक्षा संगठनों में शीर्ष जिम्मेदारियां निभाने तक का उनका सफर कई युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है.

हालांकि, उनके निधन की परिस्थितियों ने सभी को स्तब्ध कर दिया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी.

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