National Flag Adoption Day: हर बार तिरंगा लहराते हैं, लेकिन क्या जानते हैं इसके रंगों और अशोकचक्र का असली अर्थ

National Flag Adoption Day: हर बार तिरंगा लहराते हैं, लेकिन क्या जानते हैं इसके रंगों और अशोकचक्र का असली अर्थ

Indian National Flag: हर साल 22 जुलाई को देश भर में ध्वज अंगीकरण दिवस मनाया जाता है। हमारे राष्ट्रीय ध्वज में तीन रंग है, जिसके अपनेअपने मायने है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज कब अपनाया गया, इसे किसने डिजाइन किया और इसके तीनों रंगों व अशोक चक्र का क्या महत्व है?

National Flag Adoption Day: हर बार तिरंगा लहराते हैं, लेकिन क्या जानते हैं इसके रंगों और अशोकचक्र का असली अर्थ

आइए जानते हैं तिरंगे से जुड़े कुछ खास तथ्य। 26 जनवरी, 2002 को ध्वज संहिता में बदलाव किया गया, ताकि भारत के नागरिक किसी भी दिन अपने घर, कार्यालय और कारखाने में भारतीय ध्वज को शान से फहरा सकें।

22 जुलाई 1947 को अपनाया गया था तिरंगा

भारत की संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को तिरंगे को देश के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया था। इसके बाद 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र भारत में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगे को बड़े ही शान और गर्व के साथ फहराया गया। तिरंगा भारत की एकता, स्वतंत्रता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है।

किसने तैयार किया था तिरंगे का डिजाइन?

भारत के राष्ट्रीय ध्वज का मूल डिजाइन पिंगली वेंकैया ने तैयार किया था। वे आंध्र प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानी और ध्वज डिजाइनर थे। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। समय के साथ इसमें कई बदलाव किए गए और अंत में वर्तमान स्वरूप को संविधान सभा ने मंजूरी दी।

तिरंगे के तीन रंगों का क्या मतलब है?

राष्ट्रीय ध्वज में तीन क्षैतिज पट्टियां होती हैं, जिसका मतलब है

  • केसरिया रंग साहस, त्याग और बलिदान का प्रतीक माना जाता है।
  • सफेद रंग शांति, सत्य और ईमानदारी का संदेश देता है।
  • हरा रंग समृद्धि, विकास, कृषि और प्रकृति का प्रतीक है।

अशोक चक्र का महत्व

की तीनों पट्टियों के बीच में सफेद रंग की पट्टी पर स्थित गहरे नीले रंग का 24 तीलियों वाला अशोक चक्र बना होता है। यह सम्राट अशोक के सारनाथ स्थित सिंह स्तंभ से प्रेरित है। अशोक चक्र निरंतर चलते रहना, प्रगति, न्याय, धर्म और गतिशीलता का प्रतीक माना जाता है। इसकी 24 तीलियां जीवन में निरंतर आगे बढ़ने का संदेश देती हैं।

तिरंगे का अनुपात कितना होता है?

की लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3:2 होता है। इसके निर्माण और प्रदर्शन के लिए भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा तय मानकों का पालन किया जाता है।

तिरंगे से जुड़े रोचक तथ्य

  • भारत का राष्ट्रीय ध्वज 22 जुलाई 1947 को अपनाया गया था।
  • 15 अगस्त 1947 को पहली बार स्वतंत्र भारत में तिरंगा फहराया गया।
  • तिरंगे का मूल डिजाइन पिंगली वेंकैया ने तैयार किया था।
  • तिरंगे के बीच बना अशोक चक्र 24 तीलियों वाला होता है।
  • राष्ट्रीय ध्वज भारत की एकता, लोकतंत्र और संप्रभुता का प्रतीक है।
  • Flag Code of India के अनुसार हर नागरिक सम्मानपूर्वक तिरंगा फहरा सकता है, लेकिन इसके उपयोग के कुछ निर्धारित नियम हैं।

देश के सबसे ऊंचे तिंरगे

  • बेलगाम, कर्नाटक 360.8 फीट
  • अटारी बॉर्डर 360 फीट
  • कोल्हापुर, महाराष्ट्र 303 फीट
  • पहाड़ी मंदिर, रांची 293 फीट
  • तेलीबांधा, रायपुर 269 फीट
  • फरीदाबाद 250 फीट
  • भोपाल 237 फीट
  • कनॉट प्लेस, दिल्ली 207 फीट
  • जयपुर 206 फीट

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