इंदौर में पदस्थ बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सैमिल के नौ ठिकानों पर मंगलवार को लोकायुक्त टीम ने छापा मारा। मुरैना, इंदौर, धार और पीथमपुर में एक साथ कार्रवाई शुरू हुई। प्रारंभिक जांच में सैमिल की सात फैक्ट्रियों के अलावा कई मकानों व प्लॉट के बारे में जानकारी मिली है।

इंदौर में पदस्थ बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सैमिल के नौ ठिकानों पर मंगलवार को लोकायुक्त टीम ने छापा मारा। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। मुरैना, इंदौर, धार और पीथमपुर में एक साथ कार्रवाई शुरू हुई।
प्रारंभिक जांच में सैमिल की सात फैक्ट्रियों के अलावा कई मकानों व प्लॉट के बारे में जानकारी मिली है। अब उनके बैंक खातों व लॉकरों की जांच की जाएगी। उन्हें आय से 258 प्रतिशत अधिक संपत्ति का मालिक पाया गया है।
यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई है। इंदौर और ग्वालियर लोकायुक्त की टीमों ने मंगलवार की सुबह 10 बजे से मुरैना में एक, इंदौर में चार, पीथमपुर में दो, धार के उज्जैनी में दो ठिकानों पर दबिश दी।
लोकायुक्त के अनुसार, सैमिल 33 साल से नौकरी में हैं, उन्हें वेतन से करीब दो करोड़ रुपये की राशि मिली है, जिसमें से जीवनयापन पर लगभग आधी राशि खर्च हो गई, इसके बाद भी उनके पास अब तक 6.20 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति सामने आ चुकी है। कई फैक्ट्री, बैंक खाते, गहने आदि की जांच अभी जारी है।
समधी और रिश्तेदारों तक के नाम से बनाई संपत्ति
अधीक्षण यंत्री ने निवेश करने के लिए समधी, ससुराल पक्ष से लेकर अन्य कई रिश्तेदारों के नाम प्लाट, फैक्ट्रियां बनाई हैं। बेटे के सालों से लेकर समधी के नाम इंदौर, पीथमपुर, उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रीप्लाट सामने आए हैं।
मुरैना के घर पर छापा मारने आई टीम को ताला लगा मिला, इसके बाद पास ही रहने वाली सैमिल की मौसी की भतीजी को बुलवाकर ताला खुलवाया गया। इस मकान में कई महंगे सजावट के सामान मिले हैं।