बदल गई PNB की तस्वीर! कभी NPA से जूझा बैंक अब बना रहा ग्लोबल बनने का प्लान

बदल गई PNB की तस्वीर! कभी NPA से जूझा बैंक अब बना रहा ग्लोबल बनने का प्लान

देश का तीसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक अगले दो साल में दुनिया के टॉप100 बैंकों में जगह बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है. बैंक को भरोसा है कि तेज कर्ज वितरण और नए कारोबारों में विस्तार की बदौलत वह यह मुकाम हासिल कर सकता है.

बदल गई PNB की तस्वीर! कभी NPA से जूझा बैंक अब बना रहा ग्लोबल बनने का प्लान

PNB के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ अशोक चंद्रा ने एक इंटरव्यू में कहा कि बैंक की ग्रोथ, मुनाफे और एसेट क्वालिटी लगातार बेहतर हो रही है. उनका कहना है कि बैंक सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में इसकी वैल्यूएशन भी बेहतर होगी.

भारत में बड़े बैंकों को मजबूत बनाने पर जोर

भारत सरकार और नियामक संस्थाएं ऐसे बड़े और मजबूत बैंक तैयार करना चाहती हैं, जो देश में तेजी से बढ़ रहे इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को आसानी से फंड कर सकें. फिलहाल, कुल एसेट्स के आधार पर भारतीय स्टेट बैंक और HDFC बैंक ही दुनिया के टॉप100 बैंकों में शामिल हैं. ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, PNB फिलहाल दुनिया के 125 सबसे बड़े बैंकों में शामिल है.

खराब दौर से निकलकर मजबूत हुआ बैंक

एक समय PNB उन बैंकों में था, जो कॉरपोरेट एनपीए संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे. लेकिन अब बैंक ने अपने बैलेंस शीट को काफी हद तक साफ कर लिया है और ज्यादा मुनाफा देने वाले कारोबारों पर ध्यान दे रहा है. अप्रैलजून तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 5,250 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल इसी अवधि में ज्यादा प्रावधान करने की वजह से बैंक का प्रदर्शन कमजोर रहा था.

2030 तक दोगुना से ज्यादा होगा बैलेंस शीट का आकार

जून 2026 के अंत तक PNB का कुल बैलेंस शीट करीब 9% बढ़कर 19.90 लाख करोड़ रुपये हो गया. अशोक चंद्रा को उम्मीद है कि 2030 तक यह बढ़कर 48 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाएगा. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसके लिए बैंक अपने लोन पोर्टफोलियो और कुल एसेट्स का विस्तार करेगा.

कॉरपोरेट लोन पर रहेगा फोकस

PNB को उम्मीद है कि आने वाले समय में कंपनियां फिर से बड़े पैमाने पर कर्ज लेंगी, खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोजेक्ट फाइनेंस के लिए. बैंक का अनुमान है कि इस वित्त वर्ष में उसका क्रेडिट ग्रोथ करीब 13% रहेगा, जिसमें सबसे बड़ा योगदान कॉरपोरेट लोन का होगा. हाल के महीनों में कई निजी बैंकों ने भी कॉरपोरेट लोन में दो अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की है. इससे संकेत मिल रहे हैं कि भारत में निजी क्षेत्र का निवेश चक्र फिर से रफ्तार पकड़ रहा है.

नए कारोबारों में भी करेगा एंट्री

PNB अक्टूबर तक वेल्थ मैनेजमेंट सर्विस शुरू करने की तैयारी कर रहा है. इसके अलावा, चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में बैंक कॉरपोरेट मर्जर और एक्विजिशन फाइनेंसिंग के कारोबार में भी उतरने की योजना बना रहा है. हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को कॉरपोरेट अधिग्रहण की कुल वैल्यू का 75% तक फाइनेंस करने की अनुमति दी है. इससे इस कारोबार में नए अवसर खुलेंगे.

विदेशी मुद्रा जमा बढ़ाने पर भी जोर

PNB विदेशी मुद्रा में जमा बढ़ाने पर भी तेजी से काम कर रहा है. RBI की विशेष स्वैप सुविधा के तहत बैंक अब तक करीब 42.5 करोड़ डॉलर जुटा चुका है. बैंक का लक्ष्य सितंबर के अंत तक वैश्विक बैंकों के साथ साझेदारी के जरिए 2.5 अरब डॉलर से ज्यादा विदेशी मुद्रा जमा जुटाने का है.

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