
कानपुर, अमृत विचार। यूपी समेत कई राज्यों में कोडीनयुक्त सीरप की अवैध सप्लाई के चर्चित मामले में एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना विनोद अग्रवाल, उसके बेटे शिवम अग्रवाल और साथी प्रभात खरे के खिलाफ करीब 5000 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी है। चार्जशीट में 61 गवाह बनाए गए हैं। गिरोह के खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में आठ मुकदमे दर्ज हैं, जबकि सात मामलों की जांच अभी भी एसआईटी कर रही है।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने श्रीराम मेडिकल एजेंसी के नाम पर 21.50 लाख कोडीनयुक्त सीरप की सप्लाई दर्शाई थी। सप्लाई के लिए जिन ट्रकों के ईवे बिल लगाए गए, उनकी जांच में कई नंबर ईरिक्शा, ऑटो, लोडर और अन्य वाहनों के निकले। एसआईटी के अनुसार दो वर्षों में 32 फर्मों के जरिए 1.12 करोड़ सीरप की कथित सप्लाई दिखाई गई।
आठ मुकदमे दर्ज, सात की जांच जारी
इससे पहले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जांच में करीब 26 लाख की कोडीनयुक्त सीरप की अवैध खरीदबिक्री का खुलासा हुआ था। मामले में विभिन्न थानों में आठ एफआईआर दर्ज कराई गई थीं। एसआईटी अब तक विनोद अग्रवाल, शिवम अग्रवाल, प्रभात खरे समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि वेद प्रकाश शिवहरे, अनमोल गुप्ता, मंजू शर्मा और अभिषेक शर्मा अभी फरार हैं।
विनोद अग्रवाल, शिवम अग्रवाल और प्रभात खरे के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। वहीं शिवम अग्रवाल और उसके परिवार की करीब 8.50 करोड़ रुपये की संपत्ति भी पुलिस फ्रीज कर चुकी है… श्रवण कुमार सिंह,डीसीपी क्राइम।