Please assign a menu to the primary menu location under menu

Bollywood

कहां गायब हो गए ‘संस्कारी बाबूजी’? MeToo के बाद सबसे बना ली है दूरी, अब अकेलेपन में जी रहे

कहां गायब हो गए ‘संस्कारी बाबूजी’? MeToo के बाद सबसे बना ली है दूरी, अब अकेलेपन में जी रहे

आलोक नाथ का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में सबसे पहले एक ‘संस्कारी बाबूजी’ की तस्वीर उभरती है. वह जो हमेशा बड़े प्यार से अपने परिवार की देखभाल करते हैं, संस्कारों की बात करते हैं और बड़े ही सलीके से बच्चों और बहुओं को समझाते हैं. उनकी यह छवि बॉलीवुड और टीवी दोनों जगह ऐसी बन गई है कि लोग उन्हें ‘संस्कारी पिता’ के तौर पर ही जानते हैं.

बचपन के दोस्त का खुलासा
बता दें कि आलोक नाथ पर जब MeToo के तहत आरोप लगे तो हर कोई हैरान रह गया. उन्हें लेकर ये भी कहा गया कि शराब पीने के बाद वो अपना आपा खो बैठते थे. इन आरोपों के बाद आलोक ने खुद को एक तरफ कर लिया. वो इंडस्ट्री से गायब ही हो गए. अब उनके बचपन के दोस्त एक्टर राजेश पुरी ने बताया है कि वो इन आरोपों से कितने टूट गए हैं. वो घर पर ही बंद रहते हैं. हाल ही में उनके बचपन के दोस्त ने बताया, ‘पहली बार दिल्ली से मुंबई वो और आलोक एक ही ट्रेन से आए थे. उन्होंने कहा, ‘तब हम सीढ़ियों पर बैठकर सोच रहे थे कि क्या करेंगे यार कोई जानता तो है नहीं. फिर हमने कहा चलो देखेंगे. वहां से लेकर हमने कुछ फिल्में इकट्ठे की, हम साथ रहे भी, प्री-सक्सेस साथ देखा. आगे बढ़ने के पूरे प्रोसेस में मैं और आलोक साथ थे.’

MeToo के बाद सबसे बना ली है दूरी
राजेश ने बताया कि #metoo आरोपों से आलोक बहुत आहत हुए हैं. वो कहीं बाहर नहीं आते-जाते हैं. राजेश ने कहा- मैं उसे कहता हूं कि यार आजा घर पे आ जा, मिलते हैं. हमारे फार्म हाउस हैं, वहां मिलते हैं. तो वो बस हां-हां करके टाल जाता है. कभी बात की तो बड़े अच्छे से बात करता है. लेकिन कभी-कभी अफसोस होता है कि एक अच्छा टैलेंट मिस हो रहा है. आलोक ही कोई ऑफर एक्सेप्ट नहीं करता. उससे पूछो तो कहेगा मैं घर से काम करता हूं. अब ये नहीं पता कि क्या करता है. मुझे लगता है कि फिलहाल कोई काम नहीं है. क्योंकि वो कुछ करता नहीं है. क्यों वो आहत है. वो कहता है मुझे ज्यादा दुख पहुंचा है.

याद हैं आपको ‘संस्कारी बाबूजी’?
बहुत सी फिल्मों में उन्होंने ऐसा किरदार निभाया कि लोग उन्हें असल जिंदगी में भी ऐसा ही समझ बैठते हैं. चाहे वह ‘हम आपके हैं कौन’, ‘विवाह’, ‘हम साथ साथ हैं’ जैसी फिल्में हों या टीवी के मशहूर शो ‘बुनियाद’ और ‘विदाई’, आलोक नाथ ने अपने अभिनय से ‘संस्कारी बाबूजी’ का जो रोल निभाया, वह आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है. लेकिन उनकी जिंदगी और करियर की कहानी उस ‘संस्कारी बाबूजी’ से बहुत अलग है. असल जिंदगी में उन्होंने काफी संघर्ष किया. बहुत कम लोग जानते हैं कि जब उन्होंने अपना एक्टिंग करियर शुरू किया था, तब उनका सपना कुछ और ही था. वह हीरो बनना चाहते थे, लेकिन किस्मत ने उन्हें हीरो तो नहीं, लेकिन ‘बाबूजी’ बनाकर लोगों के दिलों में जगह जरूर दिला दी. उन्होंने अपने करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों और 15 से ज्यादा टीवी शोज में काम किया है.

hi.quicksamachar@gmail.com

Leave a Reply