भारत और संयुक्त अरब अमीरात ने भारतीय DigiLocker को UAE के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में काम तेज करने पर सहमति जताई है. इसके बाद UAE में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों के शैक्षणिक डिग्री और दस्तावेज़ों का सत्यापन अधिक आसान और तेज़ होगा. इससे रोजगार और उच्च शिक्षा के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

भारतUAE संयुक्त कांसुलर मामलों की संयुक्त समिति की सातवीं बैठक में दोनों देशों ने वीज़ा, कांसुलर सेवाओं, कानूनी सहयोग, श्रमिकों की सुरक्षा और समुदाय के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा की.
कानूनी सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति
बैठक से पहले तकनीकी स्तर पर कांसुलर मामलों, श्रम एवं गतिशीलता , प्रत्यर्पण और पारस्परिक कानूनी सहायता पर भी विचारविमर्श हुआ. दोनों देशों ने नवंबर 2025 में अबू धाबी में हुई पिछली JCCA बैठक के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की और कांसुलर, वीज़ा तथा कानूनी सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई. साथ ही, मासिक समीक्षा तंत्र जारी रखने और तकनीकी बैठकों के माध्यम से तय फैसलों को लागू करने का निर्णय लिया गया.
45 लाख भारतीय समुदाय के कल्याण और सहयोग की सराहना
भारतीय पक्ष ने UAE नेतृत्व द्वारा वहां रह रहे करीब 45 लाख भारतीय समुदाय के कल्याण और सहयोग की सराहना की. दोनों देशों ने एकदूसरे के यहां रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। बैठक में यह भी तय हुआ कि भारतUAE संयुक्त कांसुलर मामलों की अगली बैठक अबू धाबी में आपसी सहमति से तय तिथि पर आयोजित की जाएगी. भारत और UAE के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है. दोनों देशों ने आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. दरअसल दोनों देशों के इस कदम से यूएई में काम कर रहे भारतीय पेशेवरों को फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.