Neet Paper Leak Action: केंद्र सरकार की नियुक्ति समिति ने गुरुवार को वरिष्ठ IAS अधिकारियों की नियुक्ति, तबादले और पदोन्नति से जुड़े बड़े आदेश जारी किए हैं। इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत केंद्र सरकार के कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों और विभागों में सचिव स्तर पर बदलाव किए गए हैं। सरकार का मानना है कि इन नियुक्तियों से विभिन्न मंत्रालयों में प्रशासनिक कामकाज और नीति क्रियान्वयन को और मजबूती मिलेगी।

इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
जारी आदेश के अनुसार काटिकिथला श्रीनिवास को पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय का सचिव बनाया गया है। विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया है। टी. के. अनिल कुमार को स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का सचिव और सुशील कुमार लोहानी को पशुपालन एवं डेयरी विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है।
NHRC, जल शक्ति, श्रम और आवास मंत्रालय में भी बदलाव
पीयूष गोयल को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का सचिव जनरल बनाया गया है। अर्चना वर्मा को राष्ट्रीय जल मिशन में सचिव स्तर का दर्जा दिया गया है। वहीं केशव चंद्रा को खान मंत्रालय का सचिव, डी. थारा को आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के आवास विभाग का सचिव और चंद्र भूषण कुमार को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। इसके अलावा सतेंद्र सिंह को शहरी विकास विभाग तथा सुचिंद्रा मिश्रा को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का सचिव बनाया गया है।
जल शक्ति मंत्रालय में भी नियुक्ति
आदेश के अनुसार अर्चना वर्मा को राष्ट्रीय जल मिशन का मिशन डायरेक्टर बनाए रखते हुए सचिव स्तर का दर्जा दिया गया है। यह नियुक्ति अस्थायी रूप से पद को सचिव स्तर पर अपग्रेड कर की गई है।
कई अधिकारियों को सचिव स्तर पर पदोन्नति
ACC ने चार वरिष्ठ अधिकारियों को सचिव स्तर के पद और वेतनमान में इनसीटू अपग्रेडेशन भी दिया है। इनमें मृत्युंजय कुमार नारायण , संतोष कुमार यादव , राजीव सिंह ठाकुर और दिलीप कुमार शामिल हैं।
31 जुलाई से प्रभावी होंगे कुछ बदलाव
आदेश में कहा गया है कि कुछ नियुक्तियां संबंधित अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद प्रभावी होंगी। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। खास तौर पर विनीत जोशी की नियुक्ति 31 जुलाई 2026 को विवेक भारद्वाज के सेवानिवृत्त होने के बाद लागू होगी। सरकार के इस फैसले को केंद्र स्तर पर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है।
प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की पहल
सरकार की ओर से किए गए इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल को केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण प्रशासनिक कवायद माना जा रहा है। कुछ नियुक्तियां संबंधित अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद प्रभावी होंगी, जबकि कई अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां संभालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षा, ग्रामीण विकास, जल शक्ति, श्रम, आवास, पंचायती राज और पूर्वोत्तर विकास जैसे अहम मंत्रालयों में हुए इन बदलावों का असर आने वाले समय में प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर देखने को मिल सकता है।