35 की उम्र के बाद बढ़ सकती है Stress Belly और Hormonal Belly, जानिए दोनों में क्या अंतर है और कैसे करें बचाव..

35 की उम्र के बाद बढ़ सकती है Stress Belly और Hormonal Belly, जानिए दोनों में क्या अंतर है और कैसे करें बचाव..
35 की उम्र के बाद बढ़ सकती है Stress Belly और Hormonal Belly, जानिए दोनों में क्या अंतर है और कैसे करें बचाव..

35 वर्ष की उम्र के बाद शरीर में कई प्राकृतिक बदलाव शुरू होने लगते हैं। इस समय मेटाबॉलिज्म पहले की तुलना में धीमा होने लगता है और हार्मोन के स्तर में भी परिवर्तन आने लगता है। ऐसे में कई लोगों का वजन बहुत अधिक नहीं बढ़ता, लेकिन पेट के आसपास जिद्दी चर्बी जमा होने लगती है।

हर पेट की चर्बी एक जैसी नहीं होती। कई बार यह लगातार तनाव का परिणाम होती है, जबकि कई बार हार्मोनल बदलाव इसकी वजह बनते हैं। इसलिए यह समझना जरूरी है कि आपकी बढ़ती पेट की चर्बी Stress Belly है या Hormonal Belly।

Stress Belly क्या होती है?

जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक तनाव में रहता है, तो शरीर में कोर्टिसोल नामक स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। लगातार बढ़ा हुआ कोर्टिसोल पेट के अंदरूनी हिस्से में चर्बी जमा होने को बढ़ावा देता है। इसे सामान्य भाषा में Stress Belly कहा जाता है।

यह चर्बी केवल शरीर की बनावट ही नहीं बदलती, बल्कि भविष्य में कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम भी बढ़ा सकती है।

Stress Belly के सामान्य लक्षण

लगातार पेट के आसपास चर्बी बढ़ना

बार-बार मीठा या अधिक कैलोरी वाला भोजन खाने की इच्छा होना

हर समय थकान महसूस होना

नींद पूरी न होना या नींद की गुणवत्ता खराब होना

कमर का आकार तेजी से बढ़ना

तनाव और चिड़चिड़ापन बढ़ना

Hormonal Belly क्या होती है?

Hormonal Belly मुख्य रूप से शरीर में हार्मोन के असंतुलन के कारण विकसित होती है। महिलाओं में यह समस्या अक्सर पेरिमेनोपॉज और मेनोपॉज के दौरान अधिक देखने को मिलती है, जबकि पुरुषों में भी बढ़ती उम्र के साथ हार्मोनल बदलाव पेट की चर्बी बढ़ा सकते हैं।

हार्मोन बदलने के कारण पहले जो चर्बी कूल्हों और जांघों में जमा होती थी, वह धीरे-धीरे पेट के आसपास जमा होने लगती है।

Hormonal Belly के सामान्य लक्षण

धीरे-धीरे पेट की चर्बी बढ़ना

मेटाबॉलिज्म का धीमा होना

मांसपेशियों का कम होना

बार-बार थकान महसूस होना

महिलाओं में मासिक धर्म का अनियमित होना

अचानक गर्मी महसूस होना

वजन कम करने में कठिनाई होना

Stress Belly और Hormonal Belly में क्या अंतर है?

Stress Belly का मुख्य कारण लंबे समय तक रहने वाला मानसिक तनाव और बढ़ा हुआ कोर्टिसोल होता है।

Hormonal Belly शरीर में हार्मोनल बदलावों के कारण विकसित होती है।

Stress Belly में मीठा खाने की इच्छा, खराब नींद और मानसिक तनाव अधिक देखने को मिलता है।

Hormonal Belly में मेटाबॉलिज्म धीमा होना, मांसपेशियों की कमी और उम्र से जुड़े हार्मोनल बदलाव प्रमुख कारण होते हैं।

कई लोगों में दोनों समस्याएं एक साथ भी हो सकती हैं।

Stress Belly कम करने के उपाय

रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लें।

तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान और गहरी सांस लेने का अभ्यास करें।

रोज कम से कम 30 से 45 मिनट व्यायाम करें।

प्रोटीन और फाइबर से भरपूर भोजन करें।

मीठे और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें।

जरूरत से ज्यादा कैफीन लेने से बचें।

Hormonal Belly कम करने के उपाय

सप्ताह में कई दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या रेजिस्टेंस एक्सरसाइज करें।

पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लें।

विटामिन डी और कैल्शियम का संतुलित सेवन करें।

शारीरिक रूप से सक्रिय रहें।

यदि हार्मोनल बदलाव के लक्षण अधिक दिखाई दें, तो समय पर डॉक्टर से जांच कराएं।

पेट की चर्बी कम करने के लिए जरूरी बातें

संतुलित और पौष्टिक भोजन करें।

हर दिन नियमित शारीरिक गतिविधि करें।

तनाव को नियंत्रित रखें।

पर्याप्त नींद लें।

धूम्रपान और अत्यधिक शराब के सेवन से बचें।

समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराते रहें।

निष्कर्ष

35 वर्ष की उम्र के बाद पेट के आसपास चर्बी बढ़ना केवल अधिक खाना खाने का परिणाम नहीं होता। कई बार इसके पीछे तनाव, हार्मोनल बदलाव या दोनों कारण एक साथ जिम्मेदार होते हैं। यदि सही समय पर कारण की पहचान कर ली जाए और स्वस्थ जीवनशैली अपनाई जाए, तो पेट की चर्बी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है और भविष्य में होने वाली कई गंभीर बीमारियों के खतरे को भी कम किया जा सकता है।

अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। यदि वजन तेजी से बढ़ रहा हो, हार्मोनल बदलाव के लक्षण दिखाई दें या कोई स्वास्थ्य समस्या हो, तो योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *