निहंग सिख और CJP समर्थकों में जंतरमंतर पर झड़प, बढ़ने लगी थी बात

निहंग सिख और CJP समर्थकों में जंतरमंतर पर झड़प, बढ़ने लगी थी बात

दिल्ली के जंतरमंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन जारी है। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस की लाठीचार्ज और उग्र प्रदर्शन के बावजूद युवाओं का गुस्सा नहीं थमा है। जंतरमंतर पर भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। गुरुवार दोपहर जंतरमंतर पर तब अचानक अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया, जब निहंग सिख वहां आ पहुंचे और सीजेपी समर्थकों के साथ उनकी झड़प हो गई। हाथों में तलवार लिए निहंग और प्रदर्शनकारी युवा किसी बात को लेकर एकदूसरे से टकरा गए। कुछ ही देर में बात काफी बढ़ गई और धक्कामुक्की होने लगी।

निहंग सिख और CJP समर्थकों में जंतरमंतर पर झड़प, बढ़ने लगी थी बात

जंतरमंतर पर निहंग सिख और सीजेपी समर्थकों के बीच बहस और धक्कामुक्की की घटना से मौके पर हड़कंप मच गया था। कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए दिल्ली पुलिस कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और दोनों पक्षों को अलग किया। ताजा जानकारी के अनुसार, जंतरमंतर पर अब स्थिति सामान्य है। दोनों पक्षों को अलग कर दिया गया है और हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं।

पीएम मोदी ने पेपर लीक पर फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान किया
दूसरी तरफ पेपर लीक प्रकरण पर युवाओं के लगातार बढ़ते विरोध और गस्से पर पीएम मोदी ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर बयान दिया। आज सुबह उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि प्रश्नपत्र लीक में शामिल लोगों को जल्द कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया जाएगा। कहा, ”हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से बढ़कर कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है। हमारे युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”

सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि सरकार की तरफ से प्रदर्शन कर रही सीजेपी को बातचीत जारी रखने का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन सीजेपी नेतृत्व ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।

पीएम मोदी को सीजेपी का जवाब पहले शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें
पीएम मोदी के महत्वपूर्ण ऐलान के बाद सीजेपी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग को फिर से दोहराते हुए कहा कि प्रश्नपत्र लीक के मामलों में कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा में जवाबदेही के मुद्दे पर कोई बात नहीं की गई है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया का स्वागत किया, लेकिन कहा कि यह लगभग डेढ़ महीने के विरोधप्रदर्शनों के बाद आई और बारबार प्रश्नपत्र लीक होने के पीछे के मुख्य सवाल का जवाब नहीं दिया।

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