
अतरौली : विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को अतरौली क्षेत्र के डालखेड़ा गोमती घाट पर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। किसान करीब 40 मिनट तक गोमती नदी के पानी में खड़े रहे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को उठाया।
स्थिति की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत पांडेय मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्वयं नदी में उतरकर किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसके बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
108 सूत्रीय ज्ञापन प्रशासन को सौंपा
प्रदर्शन समाप्त होने के बाद किसान नेताओं ने नायब तहसीलदार आकांक्षा अग्निहोत्री को 108 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं, कृषि और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कई समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।
पशु चिकित्सालय, सड़क और खाद की समस्या उठाई
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र वर्मा ने बताया कि महीठा पशु चिकित्सालय में पिछले तीन वर्षों से नियमित पशु चिकित्सक की तैनाती नहीं है। इसके चलते पशुपालकों को निजी उपचार का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां साधारण इंजेक्शन लगाने तक के लिए अधिक शुल्क लिया जा रहा है।
उन्होंने क्षेत्र की जर्जर सड़कों की मरम्मत, बिजली आपूर्ति में सुधार, किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और सीएचसी भरावन में महिला चिकित्सक की नियमित तैनाती की भी मांग उठाई।
पहले भी दिया था ज्ञापन, कार्रवाई नहीं हुई
किसानों का कहना है कि इन्हीं समस्याओं को लेकर करीब डेढ़ महीने पहले भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि नेवादा से महीठा तक करीब छह किलोमीटर मार्ग पर बड़ेबड़े गड्ढे और जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन
भाकियू के जिलाध्यक्ष कदीर पहलवान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसानों और आम जनता से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेगा।
प्रदर्शन के दौरान खंड विकास अधिकारी अरविंद कुमार समेत संगठन के कई पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे।