ब्रेन एन्यूरिज्म…दिमाग की नसों का गुबारे की तरह फूल जाना, ये क्यों होता है

ब्रेन एन्यूरिज्म…दिमाग की नसों का गुबारे की तरह फूल जाना, ये क्यों होता है

दिमाग में जो नसें होती हैं, उनकी दीवार जब कमज़ोर होकर गुब्बारे की तरह फूल जाती है, तो उसे ब्रेन एन्यूरिज्म कहते हैं. ये कई सालों तक ऐसे ही रह सकता है, लेकिन अगर ये फट जाए, तो दिमाग में खून बहना शुरू हो जाता है. ये स्ट्रोक का ही एक बहुत खतरनाक रूप है और जान भी ले सकता है. इसलिए, इसे जल्दी पहचानना और इसका इलाज करवाना बहुत ज़रूरी है. डॉ. के के जिंदल बताते हैं कि ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं चलता कि उन्हें ये बीमारी है, क्योंकि शुरू में इसके कोई खास लक्षण नहीं दिखते.

ब्रेन एन्यूरिज्म…दिमाग की नसों का गुबारे की तरह फूल जाना, ये क्यों होता है

इसीलिए इसे साइलेंट किलर भी कहते हैं. पर अगर ये बड़ा हो जाए और आसपास की नसों पर दबाव डालने लगे, तो कुछ निशानियां दिखने लगती हैं. एक्सपर्ट से जानें इसके लक्षण और बचाव के लिए क्या किया जा सकता है.

अगर एन्यूरिज्म फटा नहीं है, तो ये लक्षण दिख सकते हैं

सिर के एक तरफ लगातार दर्द

आंख के पीछे या ऊपर दर्द

धुंधला या दोदो दिखना

एक पलक का नीचे लटक जाना

चेहरे के एक हिस्से में सुन्नपन या कमजोरी

आंख की पुतली का साइज से बड़ा हो जाना

अगर एन्यूरिज्म फट जाए, तो फौरन डॉक्टर के पास जाएं

ब्रेन एन्यूरिज्म का फटना एक जानलेवा मेडिकल इमरजेंसी है. इसके लक्षणों को बिल्कुल भी हल्के में न लें.

अचानक से बहुत तेज़ सिरदर्द, जो ज़िंदगी में कभी न हुआ हो

जी मिचलाना या उल्टी आना

गर्दन में अकड़न

तेज रोशनी से परेशानी

कन्फ्यूजन, बेहोशी या होश में कमी

दौरे पड़ना

शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या बोलने में दिक्कत. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। ऐसी हालत में हर पल कीमती होता है. देर होने पर दिमाग को परमानेंट नुकसान हो सकता है या जान का खतरा भी हो सकता है.

किन लोगों को ज़्यादा ख़तरा होता है?

हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीज़

जो लोग सिगरेट पीते हैं

जो ज़्यादा शराब पीते हैं

जिनके परिवार में किसी को पहले ब्रेन एन्यूरिज्म हुआ हो

पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज़ या कुछ जन्मजात बीमारियों वाले लोग

40 साल से ज़्यादा उम्र की महिलाएं

इसकी जांच और इलाज कैसे होता है?

ब्रेन एन्यूरिज्म का पता लगाने के लिए सीटी स्कैन , सीटी एंजियोग्राफी , एमआर एंजियोग्राफी या डिजिटल सब्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी जैसी जांचें की जाती हैं. इलाज एन्यूरिज्म के साइज़, जगह और फटने के ख़तरे पर निर्भर करता है. इसके लिए माइक्रोसर्जिकल क्लिपिंग, एंडोवैस्कुलर कॉइलिंग या फ्लोडाइवर्टर जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है.

क्या इसे रोका जा सकता है?

हर ब्रेन एन्यूरिज्म को तो नहीं रोका जा सकता, लेकिन उसके फटने का ख़तरा ज़रूर कम किया जा सकता है.

ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रखें.

सिगरेट पीना पूरी तरह बंद कर दें.

शराब का सेवन कम करें.

अच्छा खाना खाएं और रोज़ाना कसरत करें.

अगर परिवार में किसी को ये बीमारी रही है, तो डॉक्टर की सलाह पर टाइमटाइम पर जांच करवाते रहें.

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