
लखनऊ, अमृत विचार: राजधानी में तीन फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर पकड़े गये हैं। इनकी कुंडली खंगाली गई तो हवाला कारोबार के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। यह हवाला कारोबार अमेरिकाअहमदाबाद वाया लखनऊ किया जा रहा है। हाल के दिनों में कमिश्नरेट पुलिस, क्राइम ब्रांच, साइबर क्राइम थाना व साइबर क्राइम सेल की टीम ने साइबर हाइट्स, समिट बिल्डिंग और ओमैक्स आर2 में संचालित फर्जी कॉल सेंटरों का खुलासा किया है। इन तीनों मामलों में 133 लोगों को जेल भेजा। जांच में हवाला के कारोबार का सीधा कनेक्शन पाया गया।
जांच में अहमदाबाद और अमेरिका के बीच हवाला का कनेक्शन मजबूत मिला है। हवाला की अमेरिका में रकम भी आसानी से मिल जाती है। जिसके कारण कॉल सेंटर संचालकों की पहली पसंद अहमदाबाद है। ऐसे में तीनों मामलों में अहमदाबाद कनेक्शन मिलने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा कई राज्यों तक बढ़ा दिया है।
वहीं, अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने वाले इस अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह की जानकारी अब एफबीआइ तक पहुंचाई जा रही है। जांच में पुष्टि हुई कि अमेरिकी नागरिकों का डाटा चार्ल्स नाम का व्यक्ति उपलब्ध कराता था। इसी डाटा के आधार पर काल सेंटरों में बैठे जालसाज रोजाना लोगों को फोन कर ठगी करते थे। कई जांच एजेंसियां ठगों के हवाला कनेक्शन को खंगाल रही है, ताकि इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
एक दिन में सात से आठ अमेरिकी नागरिक निशाने पर
पूछताछ में सामने आया कि सभी काल सेंटर प्रतिदिन सात से आठ अमेरिकी नागरिकों को अपना शिकार बनाते थे। तीनों काॅल सेंटरों को मिलाकर अब तक 20 हजार से अधिक अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर अरबों रुपये की ठगी की है। आरोपी चार्ल्स की तलाश में पुलिस की पांच टीमें गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में दबिश दे रही हैं।
पुलिस के मुताबिक, अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने के कारण यह है कि वहां की गई शिकायत भारत तक नहीं पहुंच सकती है। इसके चलते यह लोग पकड़े नहीं जा सकते हैं। लखनऊ पुलिस उच्चाधिकारियों की मदद से अमेरिकी एजेंसियों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। गिरोह के विदेश में बैठे संचालकों और सहयोगियों तक भी पहुंचा जा सके।
20 से अधिक कॉल सेंटर टारगेट पर
पुलिस के मुताबिक, शहर के 20 से ज्यादा काॅल सेंटर साइबर टीम के निशाने पर हैं। इन काॅल सेंटर की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही सभी काॅल सेंटर के सत्यापन करवाए जा रहे हैं। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। ताकि यह पता चल सके कितने फर्जी काल सेंटर चल रहे हैं या वैध हैं।