
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने NEETUG समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस गंभीर विषय पर हो रही राजनीतिक खींचतान के बीच शिक्षा व्यवस्था में सुधार का मूल उद्देश्य कहीं पीछे नहीं छूटना चाहिए।
शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए अपने सिलसिलेवार पोस्ट में मायावती ने कहा कि नई दिल्ली के जंतरमंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन को लोगों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। उनके अनुसार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ता राजनीतिक टकराव शिक्षा सुधार जैसे अहम मुद्दे को पीछे धकेल सकता है।
https://twitter.com/Mayawati/status/2080896788098437312?s=20
‘सड़क से संसद तक बढ़ा राजनीतिक टकराव’
बसपा प्रमुख ने कहा कि इस मुद्दे पर विपक्षी दल सड़क से लेकर संसद तक सक्रिय हैं, जिससे सरकार और विपक्ष के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। उनका कहना है कि इस राजनीतिक माहौल का असर राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सतर्क और सजग रहने की अपील की।
पुलिस कार्रवाई से बढ़ा तनाव
मायावती ने कहा कि आंदोलन के राजनीतिकरण और जंतरमंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के बाद हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं। उनके मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियों का असर संसद के मानसून सत्र पर भी पड़ा है और सदन की कार्यवाही अब तक सुचारु रूप से नहीं चल सकी है। इससे जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और सरकार की जवाबदेही प्रभावित हुई है।
‘पेपर लीक रोकने के लिए ठोस कदम जरूरी’
बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन से निपटने के उपायों पर अधिक ध्यान दे रही है, जबकि परीक्षा प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी और समयबद्ध कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो आम लोगों में असंतोष और बढ़ सकता है।
कार्यकर्ताओं से की मिशन पर डटे रहने की अपील
मायावती ने अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों से निराश न हों और पार्टी के मिशन एवं विचारधारा के प्रति पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते रहें।