
कानपुर, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश श्रम विभाग में लंबे समय से रुकी पदोन्नति प्रक्रिया आखिरकार पूरी हो गई है। विभाग के 45 कर्मचारियों को पदोन्नत कर श्रम प्रवर्तन अधिकारी बनाया गया है। पदोन्नति के साथ ही सभी अधिकारियों की प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनाती के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। लंबे समय से इस फैसले का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए यह बड़ी राहत मानी जा रही है।
हाईकोर्ट के बाद फैसला
विभाग में वर्ष 2021 के बाद से पदोन्नति नहीं हुई थी, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा था। इस मुद्दे को लेकर श्रम विभाग कर्मचारी संघ और लेबर डिपार्टमेंट मिनिस्ट्रीयल एंप्लाइज एसोसिएशन लगातार आवाज उठाते रहे। बाद में मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा। न्यायालय के निर्देश के बाद विभाग ने पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी करते हुए आदेश जारी कर दिए।
पदोन्नति पाने वालों में क्षेत्रीय कार्यालय के प्रधान सहायक, प्रशासनिक अधिकारी, श्रमायुक्त कार्यालय के आशुलिपिक और कारखाना प्रभाग के प्रधान सहायक शामिल हैं। सभी अधिकारियों को उनकी नई जिम्मेदारियों के साथ अलगअलग जनपदों में तैनाती दी गई है।
संघ ने जताई खुशी
श्रम विभाग कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रभात मिश्रा ने कहा कि कर्मचारियों के हितों को लेकर संगठन लगातार प्रयास करता रहा। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद विभाग ने पदोन्नति संबंधी आदेश जारी किए, जिससे वर्षों से इंतजार कर रहे कर्मचारियों को राहत मिली है।
संघ के महामंत्री अंजनी कुमार राय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कपिल सागर, सैयद फैसल हुसैन तथा लेबर डिपार्टमेंट मिनिस्ट्रीयल एंप्लाइज एसोसिएशन के महामंत्री नरेंद्र सिंह ने सभी नवपदोन्नत अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पदोन्नति से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और विभागीय कार्यों में अधिक दक्षता और पारदर्शिता आएगी।
बढ़ेगी कार्यक्षमता
विभागीय अधिकारियों का मानना है कि लंबे समय बाद हुई इस पदोन्नति से प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। नई जिम्मेदारियां मिलने के बाद श्रम प्रवर्तन अधिकारी श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, निरीक्षण और श्रमिकों से जुड़े मामलों के बेहतर निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही विभाग की कार्यप्रणाली में भी गति आने की उम्मीद जताई जा रही है।