
शुभम निगम, उन्नाव, अमृत विचार। कानपुरलखनऊ हाईवे पर स्थित गदनखेड़ा ओवरब्रिज के निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वर्ष2024 में यातायात के लिए खोले गए इस ओवरब्रिज की सड़क महज 2 साल में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। पुल पर कई स्थानों से डामर की ऊपरी परत उखड़ चुकी है जिससे अंदर लगे लोहे के गर्डर साफ नजर आने लगे हैं।
हादसे की आशंका को देखते हुए कार्यदायी संस्था ने आननफानन मरम्मत शुरू कराई है। बुधवार को ओवरब्रिज की एक लेन को बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया। जिससे वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। फिलहाल सारा यातायात दूसरी सिंगल लेन से निकाला जा रहा है।
ओवरब्रिज की बदहाल हालत से लोगों में नाराजगी, कार्रवाई की मांग
बता दें कि कानपुरलखनऊ हाईवे के विशेष मरम्मतीकरण पर करीब 92 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। वहीं गदनखेड़ा चौराहे पर बने इस 1640 मीटर लंबे ओवरब्रिज के निर्माण पर करीब 64 करोड़ रुपये की लागत आई थी। इस महत्वपूर्ण परियोजना का ठेका वर्ष 2021 में दिया गया था और 2024 में इसे आमजन के लिए शुरू किया गया था।
करोड़ों के भारीभरकम बजट के बावजूद इतनी कम अवधि में सड़क का इस तरह जर्जर होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता व सरकारी धन के सदुपयोग पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। इस स्थिति पर लोगों व रोज सफर करने वालों ने गहरी चिंता व नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यह लापरवाही यात्रियों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ है। लोगों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच व कार्यदाई संस्था व अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।