
जींद। हरियाणा के जींद जिले के उचाना क्षेत्र में नौ बेटियों के बाद एक बेटे के जन्म से परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। परिवार ने नवजात बेटे का नाम दिलखुश रखा है। बेटे के जन्म पर परिजनों ने जश्न मनाया और मिठाइयां बांटीं।
परिवार के अनुसार, पहले उनके यहां कुल दस बेटियां थीं, जिनमें से एक बेटी की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। अब दसवीं संतान के रूप में बेटे का जन्म हुआ है। लंबे समय से बेटे की आस लगाए बैठे परिवार के लिए यह पल बेहद भावुक और खुशी भरा रहा।
‘आगे और बच्चे करने की भी प्लानिंग’
नवजात के पिता सुरेंद्र ने मीडिया से बातचीत में कहा, कि हमें परमात्मा पर पूरा भरोसा था। बेटियों का हमने हमेशा मान-सम्मान रखा। करते-करते बच्चे ज्यादा हो गए, लेकिन आज परमात्मा ने हमारी आस पूरी कर दी।
जब उनसे पूछा गया कि अगर बेटा नहीं होता तो क्या करते, इस पर उन्होंने कहा कि तब ऑपरेशन करवा देते। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आगे चार-पांच बच्चे और भी हो सकते हैं, सब कुछ परमात्मा के हाथ में है।
परिवार के पालन-पोषण को लेकर सुरेंद्र ने बताया कि वे दिहाड़ी मजदूरी करते हैं और जैसे-तैसे बच्चों का पालन-पोषण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रुखा-सुखा खाकर भी बच्चों को पाला है, आगे भी पाल लेंगे।
दादी की हो गई बीमारी ठीक
वहीं, बच्चे की ताई ने महिला की सेहत से जुड़े सवाल पर कहा कि सब कुछ परमात्मा के हाथ में है। करीब 70 वर्षीय दादी ने कहा कि इस बेटे के जन्म से मेरी आधी बीमारी ठीक हो गई।
लिंग भेद के सवाल पर परिवार की एक महिला सदस्य बुआ ने कहा, कि बेटियां तो शादी के बाद चली जाती हैं, लेकिन बेटा ही घर संभालता है। परिवार का कहना है कि सभी बेटियां भी भाई के जन्म से बेहद खुश हैं। उन्होंने बेटे की लंबी उम्र की कामना करते हुए कहा कि आगे का सब कुछ भगवान पर छोड़ दिया है।



