
मुरादाबाद, अमृत विचार: थाना मझोला क्षेत्र के जयंतीपुर इलाके में बर्फखाने के पास शिवनगर में शनिवार शाम हुई घटना में ईरिक्शा चालक समेत दो लोगों की करंट लगने से मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरातफरी मच गई और मृतकों के परिजनों का रोरोकर बुरा हाल हो गया। बिजली विभाग की लापरवाही से दो लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश रहा। बिजली विभाग के संबंधित एसडीओ, अधिशासी अभियंता ने इस पर चुप्पी साधे रखी।
जानकारी के अनुसार नेता कालोनी निवासी ओमप्रकाश पुत्र बाबूराम ईरिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरणपोषण करता था। शनिवार शाम करीब 4:30 बजे बारिश के दौरान वह अपना ईरिक्शा गैरेज में खड़ा करने जा रहा था। इसी दौरान सड़क पर पानी भरे एक गड्ढे में ईरिक्शा का संतुलन बिगड़ गया और वाहन अनियंत्रित होकर पास में लगे ट्रांसफार्मर से जा टकराया। ट्रांसफार्मर के संपर्क में आने से ईरिक्शा में करंट दौड़ गया और चालक ओमप्रकाश उसकी चपेट में आ गया।
ओमप्रकाश को करंट से तड़पता देख गैरेज में काम कर रहे राममोहन ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन हाईटेंशन करंट उसे भी लग गया। जिससे दोनों गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी हालत बिगड़ गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले दोनों अचेत होकर गिर पड़े।घटना की सूचना मिलते ही जयंतीपुर चौकी प्रभारी नितेश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तत्काल 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल भिजवाया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद ओमप्रकाश और राममोहन को मृत घोषित कर दिया।पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि राम मोहन मूल रूप से बदायूं जनपद का रहने वाला था और वह जयंतीपुर में गैरेज में काम करता था। हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम छा गया।वहीं हादसे के बाद बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों ने सीपीआर देकर दोनों लोगों की जान बचाने का काफी प्रयास भी किया मगर वह उनकी जान नहीं बचा पाए। बारिश के दौरान क्षेत्र में जलभराव की स्थिति भी उत्पन्न हो गई थी, वहीं बिजली विभाग की लापरवाही के चलते खुले रखे ट्रांसफार्मर के कारण हुए हादसे में दो लोगों अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। लोगों का कहना कि यदि ट्रांसफार्मर की बैरिकेडिंग हो गई होती तो करंट नहीं लगता और दो लोग मरने बच सकते थे।