
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले की सड़कों पर गणतंत्र दिवस का नजारा कुछ अलग ही था. आम तौर पर गाड़ियों के शोर और भीड़भाड़ से भरी रहने वाली सड़कें अचानक ‘जय श्री राम’ और ‘योगी-योगी’ के नारों से गूंज उठीं. मौका था एक भव्य प्रभात फेरी का लेकिन आकर्षण का केंद्र कोई राजनेता नहीं, बल्कि एक 10 साल का मासूम बच्चा था. जिसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ऐसा रूप धरा कि देखने वाले अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर पाए.
एक निजी स्कूल के छात्र ने जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वेश में कदम आगे बढ़ाए तो लगा मानो लखनऊ के कालीदास मार्ग से सीधे मुख्यमंत्री बस्ती की जमीन पर उतर आए हों. सिर पर मुंडन, केसरिया चोला, गले में रुद्राक्ष की माला और चेहरे पर मुख्यमंत्री जैसी ही गंभीर सौम्यता. सिर्फ पहनावा ही नहीं, बल्कि हाथ जोड़कर जनता का अभिवादन स्वीकार करने का अंदाज भी इतना सटीक था कि हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया.
कमांडो का सुरक्षा चक्र और ‘प्रोटोकॉल’ का रोमांच
इस प्रभात फेरी को जो चीज सबसे अलग बना रही थी, वह था ‘बाल योगी’ का सुरक्षा घेरा. नन्हे छात्र के चारों ओर ब्लैक कैट कमांडो की वर्दी पहने बच्चों की एक टीम चल रही थी. हाथ में डमी आधुनिक हथियार और काले चश्मा लगाए ये ‘नन्हे कमांडो’ बिल्कुल पेशेवर अंदाज में भीड़ को नियंत्रित करते हुए आगे बढ़ रहे थे. इस नजारे ने सड़क पर चल रहे लोगों को ठिठकने पर मजबूर कर दिया.
इस नजारे की सबसे भावुक और चर्चा का विषय बनी तस्वीर तब सामने आई, जब सुरक्षा में तैनात असल पुलिसकर्मियों ने इस ‘नन्हे योगी’ का स्वागत किया. ड्यूटी पर तैनात दरोगा और सिपाहियों ने न केवल मुस्कुराकर इस बाल स्वरूप का हौसला बढ़ाया, बल्कि बाकायदा माला पहनाकर उनका सम्मान भी किया. पुलिसकर्मियों का कहना था कि बच्चे के आत्मविश्वास को देखकर उन्हें असल मुख्यमंत्री की कार्यशैली की याद आ गई.
दुकानदारों और स्थानीय निवासियों ने फूल बरसाकर किया स्वागत
शहर के मुख्य चौराहों से जैसे-जैसे यह जुलूस आगे बढ़ा, लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. दुकानदारों और स्थानीय निवासियों ने अपनी छतों से फूल बरसाकर इस बाल योगी का स्वागत किया. सोशल मीडिया पर अब इस प्रभात फेरी के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें लोग बच्चे की एक्टिंग और स्कूल के इस रचनात्मक प्रयास की जमकर तारीफ कर रहे हैं.
निजी स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया कि इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों में नेतृत्व के गुणों को विकसित करना और उन्हें प्रदेश की महान विभूतियों से परिचित कराना था. उन्होंने कहा, “योगी आदित्यनाथ का अनुशासन और उनकी कार्यशैली आज के बच्चों के लिए प्रेरणा है. इस छात्र ने उस अनुशासन को बखूबी पर्दे पर उतारा है.



