
बरेली, अमृत विचार। विश्व प्रसिद्ध मलिहाबाद के दशहरी आम को कीटों से बचाने के लिए बरेली की एक होनहार बेटी ने एक बड़ी और अनूठी पहल की है। 12वीं कक्षा की छात्रा ऐशानी अग्रवाल के प्रयासों से मलिहाबाद की आम की बगियों की तस्वीर बदल रही है। उनके द्वारा किसानों तक पहुंचाई गई ‘कवच’ तकनीक की पूरे राज्य स्तर पर जमकर प्रशंसा हो रही है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इस सीजन में मलिहाबाद के कई बागों में फल कागज के इन विशेष ‘कवच बैग’ में सुरक्षित ढके हुए नजर आ रहे हैं।
क्या है ‘कवच’ तकनीक?
यह वही वैज्ञानिक तकनीक है जिसे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है।
ऐशानी के अनुसार, जब आम का फल छोटा होता है, तभी उस पर यह विशेष कागज का बैग चढ़ा दिया जाता है।
इससे हानिकारक मक्खियां और कीट फल तक नहीं पहुंच पाते।
फल का छिलका पूरी तरह से साफ, दागरहित और सुरक्षित रहता है, जिससे किसानों को बाजार में आम के बेहतर दाम मिलते हैं।
‘एग्रोमैंगो’ के जरिए बांटे 1 लाख से अधिक मुफ्त ‘कवच’
शहर के प्रमुख कार्डियो सर्जन डॉ. अमरेश अग्रवाल और डॉ. तनु अग्रवाल की बेटी ऐशानी ने इस तकनीक को आम उत्पादक लघु किसानों तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। वह इस बार लखनऊ में किसानों के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर काम कर रही हैं। अपनी पहल ‘एग्रोमैंगो’ के जरिए ऐशानी अब तक सैकड़ों छोटे और सीमांत किसानों को एक लाख से अधिक ‘कवच फ्रूट बैग’ और ‘सेफ्टी किट’ बिल्कुल मुफ्त में उपलब्ध करा चुकी हैं।
‘मैंगो मैन ऑफ इंडिया’ ने किया सम्मानित
ऐशानी अग्रवाल की इस पर्यावरणअनुकूल और किसानहितैषी पहल को बड़ा सम्मान मिला है। हाल ही में विश्व आम दिवस के अवसर पर ‘मैंगो मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से मशहूर पद्मश्री हाजी कलीमुल्लाह खान ने ऐशानी को उनके इस उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। ऐशानी की इस सफलता से बरेली जिले का नाम भी रोशन हुआ है।