Parliament Monsoon Session: लोकसभाराज्यसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू, स्पीकर बोले सदन चलने दें, विपक्ष बोला हमारी भी सुनें

Parliament Monsoon Session: लोकसभाराज्यसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू, स्पीकर बोले सदन चलने दें, विपक्ष बोला हमारी भी सुनें

Parliament Monsoon Session NEET Paper Leak Bill: संसद के मानसून सत्र में आज पेपर लीक कानून संशोधन बिल पर अहम चर्चा होगी। विपक्ष की सहमति के बाद लोकसभा स्पीकर ने इस पर शुरुआती तौर पर 6 घंटे की चर्चा तय की है, जिसे जरूरत पड़ने पर बढ़ाया भी जा सकता है। चर्चा दोपहर 12 बजे के आसपास शुरू होने की संभावना है।

Parliament Monsoon Session: लोकसभाराज्यसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू, स्पीकर बोले सदन चलने दें, विपक्ष बोला हमारी भी सुनें

सोमवार को केंद्र सरकार ने ‘पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल, 2026’ लोकसभा में पेश किया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इस संशोधन के जरिए 2024 के मौजूदा कानून को और सख्त बनाया जाएगा। प्रस्तावित बदलावों में पेपर लीक के आरोपियों के लिए कड़ी सजा, भारी जुर्माना और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की अनुमति शामिल है। इन अदालतों में मामलों की रोजाना सुनवाई की जाएगी।

राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा, सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित

संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को राज्यसभा में नीट पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। सुबह 11 बजे विपक्षी सांसदों ने दिल्ली में नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। वाम दलों समेत कई विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर इस मामले पर बयान देने की मांग की।

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन लगातार हंगामे के कारण उन्हें बोलने का अवसर नहीं मिल सका। सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने शून्यकाल की कार्यवाही शुरू कराने का प्रयास किया, लेकिन विपक्ष का शोरशराबा जारी रहने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। गौरतलब है कि 20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र के बाद से नीट पेपर लीक का मुद्दा राज्यसभा में लगातार विपक्ष और सरकार के बीच टकराव की प्रमुख वजह बना हुआ है।

NDA की बैठक में पहली बार पहुंचे TMC से अलग हुए सांसद

संसद भवन में आयोजित NDA संसदीय दल की बैठक में इस बार एक नया राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। पहली बार नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया के सांसदों को बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया। ये सभी सांसद पहले तृणमूल कांग्रेस में थे और बाद में अलग होकर NCPI में शामिल हुए। बैठक में सुदीप बंद्योपाध्याय, काकोली घोष, शताब्दी रॉय, शर्मिला सरकार और मिताली बाग सहित अन्य सांसद मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों को संबोधित किया। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के अन्य सांसद भी शामिल हुए।

संसद पहुंचे पीएम मोदी, शुरू हुई ‘मंगल मिलन’ बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार सुबह संसद पहुंचे और NDA की साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक में हिस्सा लिया। उनके साथ संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। ‘मंगल मिलन’ बैठक में संसद के मौजूदा सत्र की रणनीति, सरकार के प्रमुख विधेयकों और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जाती है। बैठक संसद की पार्लियामेंट्री लाइब्रेरी बिल्डिंग में आयोजित की गई। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह हुई इसी बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि सरकार छात्रों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने NEET पेपर लीक को राष्ट्रीय चिंता का विषय बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था।

मौजूदा पेपर लीक कानून की प्रमुख बातें

जून 2024 तक देश में पेपर लीक रोकने के लिए कोई एक केंद्रीय कानून नहीं था। ऐसे मामलों में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जालसाजी जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई होती थी। कई राज्यों ने अपने स्तर पर नकलविरोधी कानून बनाए। उत्तर प्रदेश में कुछ मामलों में गैंगस्टर एक्ट और मनी लॉन्ड्रिंग कानून का भी इस्तेमाल किया गया। NEETUG और UGC परीक्षाओं में गड़बड़ी के बाद केंद्र सरकार ने 21 जून 2024 को सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम लागू किया।

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इस कानून के तहत पेपर लीक, नकल कराने, OMR शीट की अवैध खरीदफरोख्त, फर्जी परीक्षा वेबसाइट बनाने और परीक्षकों को धमकाने जैसे अपराध गैरजमानती हैं। मौजूदा कानून में पेपर लीक जैसे अपराधों पर 3 से 5 साल की जेल और ₹10 लाख तक जुर्माने, जबकि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था के जिम्मेदार अधिकारियों की संलिप्तता पाए जाने पर 3 से 10 साल की जेल और ₹1 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान है। नए संशोधन के जरिए इन प्रावधानों को और प्रभावी बनाने की तैयारी है।

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