
बरेली, अमृत विचार। शहर के प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित मौलानगर में मंगलवार को बरेली विकास प्राधिकरण का चाबुक चला। पार्क की सरकारी जमीन पर बनी ‘कामधेनु गौशाला’ को गिराने के लिए बीडीए की टीम बुलडोजर लेकर पहुंची। बुलडोजर की गड़गड़ाहट शुरू होते ही इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। गौशाला समर्थकों ने ध्वस्तीकरण का विरोध किया, लेकिन मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने हालात को संभाल लिया और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी की गई।
कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह के बवाल से निपटने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। सुबह से ही मौलानगर और आसपास का इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था। मौके पर प्रेमनगर पुलिस के साथसाथ पीएसी की एक कंपनी तैनात की गई थी। सीओ सिटी, मजिस्ट्रेट और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर डटे रहे। इलाके में आनेजाने वाले हर व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी गई ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे।
500 वर्गगज सरकारी जमीन पर था कब्जा
मौलानगर स्थित कामधेनु गौशाला का संचालन महामंडलेश्वर संजीव गौड़ से जुड़ा हुआ बताया जाता है। स्थानीय लोगों ने लंबे समय से शिकायत कर रखी थी कि गौशाला के नाम पर पार्क की सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण किया गया है। आरोप था कि करीब 500 वर्गगज सार्वजनिक भूमि पर कब्जे के कारण मोहल्ले के बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के टहलने की जगह छिन गई थी। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद बीडीए ने ध्वस्तीकरण का रास्ता साफ किया। बता दें कि इससे पहले 24 जुलाई को भी कार्रवाई की पूरी तैयारी थी और पुलिसपीएसी तैनात थी, लेकिन बीडीए की टीम के न पहुंचने से बुलडोजर बैरंग लौट गया था। मंगलवार को टीम ने पूरी तैयारी के साथ आकर एक्शन लिया।
बुलडोजर चलते ही तीखी नोकझोंक, पुलिस ने संभाला मोर्चा
जैसे ही बीडीए के बुलडोजर ने अवैध निर्माण को ढहाना शुरू किया, वहां मौजूद कुछ लोगों ने कड़ा विरोध जताना शुरू कर दिया। अधिकारियों और विरोध कर रहे लोगों के बीच तीखी बहस भी हुई। माहौल गर्माता देख पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला। पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को पीछे खदेड़ा और सुरक्षा घेरे के बीच बिना रुके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया। लंबे समय से शिकायत कर रहे स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई पर राहत की सांस ली है, वहीं दिनभर पूरे इलाके में बीडीए के इस बुलडोजर एक्शन की ही चर्चा बनी रही।
ये भी पढ़ें