
मेरठ: सावन माह की शुरुआत के साथ कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश में तैयारियां तेज हैं। इसी बीच मेरठ में AIMIM के प्रवक्ता शादाब चौहान का सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो में उन्होंने कांवड़ यात्रा और सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक गतिविधियों को लेकर अपनी टिप्पणी की है, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।
शादाब चौहान ने वीडियो में कहा कि संविधान सभी नागरिकों को अपनी आस्था के अनुसार धार्मिक गतिविधियां करने का समान अधिकार देता है। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर नमाज और कांवड़ यात्रा के दौरान होने वाली व्यवस्थाओं की तुलना करते हुए अपनी बात रखी।
हिंदू संगठन ने जताई कड़ी आपत्ति
वीडियो सामने आने के बाद अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन ने बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। संगठन के पदाधिकारी सचिन सिरोही ने कहा कि कांवड़ यात्रा करोड़ों हिंदुओं की आस्था और वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा का प्रतीक है। उनका आरोप है कि इस तरह की टिप्पणियां धार्मिक भावनाओं को आहत करती हैं।
कांवड़ मार्ग पर दुकानों की जांच का ऐलान
संगठन ने घोषणा की कि 30 जुलाई से मेरठ से हरिद्वार तक कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाली दुकानों की पहचान और संबंधित दस्तावेजों की जांच का अभियान चलाया जाएगा। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। संगठन का कहना है कि यदि किसी भोजनालय के संचालन को लेकर पहचान छिपाने जैसी कोई बात सामने आती है तो मामले की शिकायत पुलिस और प्रशासन से की जाएगी तथा नियमानुसार कार्रवाई की मांग की जाएगी।
कानूनी कार्रवाई की मांग
संगठन ने AIMIM प्रवक्ता के बयान पर कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। वहीं, सचिन सिरोही ने कांवड़ यात्रा को हिंदू समाज की महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा बताते हुए कहा कि संगठन किसी भी विवादित टिप्पणी का विरोध करेगा।
इस घटनाक्रम के बाद मेरठ में कांवड़ यात्रा को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।