Harry Brook on Nightclub Incident: इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कप्तान हैरी ब्रूक ने अपनी छवि और खेल भावना को लेकर एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है। ब्रुक ने स्वीकार किया है कि पिछले साल न्यूजीलैंड के एक नाइटक्लब में हुई मारपीट की घटना को लेकर उन्होंने झूठ बोला था।
हैरी ब्रूक (Harry Brook) ने माना कि उस रात वे अकेले नहीं थे, बल्कि उनके साथ टीम के अन्य साथी खिलाड़ी भी मौजूद थे, जिन्हें बचाने के लिए उन्होंने पूरी कहानी गढ़ी थी।
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, पिछले साल वेलिंगटन के एक नाइटक्लब में हैरी ब्रूक (Harry Brook) की एक बाउंसर से कहासुनी हो गई थी, जो बाद में हाथापाई तक पहुंच गई। इस दौरान बाउंसर ने ब्रूक को मुक्का भी मारा था। उस वक्त हैरी ब्रूक ने बयान दिया था कि वे नाइटक्लब में अकेले मौजूद थे। लेकिन अब उन्होंने अपनी बात से पलटते हुए माना है कि उस शाम उनके साथ अन्य खिलाड़ी भी मौजूद थे।
इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा, जब ब्रिटिश अखबार ‘द टेलीग्राफ’ की एक रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट में दावा किया गया कि उस रात हैरी ब्रूक (Harry Brook) के साथ इंग्लैंड के जैकब बेथेल और जोश टंग भी नाइटक्लब में मौजूद थे और इस घटना को लेकर क्रिकेट रेगुलेटर उनकी भूमिका की भी जांच कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए इन तीनों खिलाड़ियों पर जुर्माना लगाया है।
Harry Brook ने कबूली गलती
श्रीलंका के खिलाफ पहले टी20 मैच में जीत के बाद हैरी ब्रूक (Harry Brook) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पूरे विवाद पर सफाई दी। उन्होंने कहा, “मैं वेलिंगटन में अपनी हरकतों की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं और स्वीकार करता हूं कि उस शाम वहां अन्य लोग भी मौजूद थे। मुझे अपने पहले दिए गए बयान पर पछतावा है। मेरा इरादा सिर्फ अपने साथियों को उस स्थिति से बचाना था, जो मेरे फैसलों की वजह से पैदा हुई थी।”
हैरी ब्रूक ने आगे कहा कि कप्तानी के साथ मैदान के बाहर भी जिम्मेदारियां आती हैं और इस घटना से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला है। उन्होंने माना कि ये उनके करियर का चुनौतीपूर्ण दौर रहा है, लेकिन वे इससे बेहतर इंसान और बेहतर कप्तान बनने की कोशिश कर रहे हैं। हैरी ब्रुक ने ये भी स्वीकार किया कि वे भाग्यशाली हैं कि इस विवाद के बाद भी उन्हें इंग्लैंड टीम की कप्तानी से नहीं हटाया गया। उन्होंने कहा, “अगर मुझे कप्तानी से हटा दिया जाता, तो मैं अपनी गलती मान लेता। मेरे लिए सबसे जरूरी क्रिकेट खेलते रहना है।”
एक्शन लेगा ECB?
ये घटना इंग्लैंड क्रिकेट में हाल के दिनों में सामने आई अनुशासनहीनता की कई घटनाओं में से एक मानी जा रही है। एशेज सीरीज के दौरान भी खिलाड़ियों के अनुशासन को लेकर सवाल उठे थे। इन सबको देखते हुए ECB अब सख्त रुख अपनाते हुए खिलाड़ियों के लिए कर्फ्यू और सख्त नियम लागू कर चुका है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।



