शेयर बाजार में इन दिनों आईटी कंपनियों का अलग ही जलवा है. देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस के शेयर ने तो कमाल ही कर दिया है. 29 जुलाई को लगातार तीसरे दिन इसमें जबरदस्त तेजी देखने को मिली. यह शेयर 4.32 फीसदी उछलकर 1,153.50 रुपये पर बंद हुआ. सिर्फ तीन दिन के अंदर यह शेयर करीब 11 फीसदी ऊपर जा चुका है. ऐसे में जिन लोगों के पास इसके शेयर हैं या जो नया निवेश करने की सोच रहे हैं, उनके मन में एक ही सवाल है, अब क्या करें? खरीदें, बेचें या अभी होल्ड करके रखें?

विदेशी निवेशकों का AI कंपनियों से उठ रहा है भरोसा
विदेशी बाजार में आजकल एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. दुनिया भर के बड़े निवेशक अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और चिप बनाने वाली कंपनियों से अपना पैसा बाहर निकाल रहे हैं. अभी हाल ही में दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में जो बड़ी गिरावट आई, उसकी सबसे बड़ी वजह यही चिप कंपनियां थीं. अमेरिका में भी इन दिग्गज कंपनियों के शेयरों की हालत सुस्त नजर आ रही है.
असल में, एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयर बहुत महंगे हो गए थे. इसलिए समझदार निवेशक अब अपना पैसा वहां से निकालकर उन आईटी शेयरों में लगा रहे हैं जो अभी भी सस्ते दाम पर मिल रहे हैं. भारत के शेयर बाजार में आईटी इंडेक्स की इस तेज रफ्तार के पीछे यही सबसे बड़ी वजह है.
भारतीय कंपनियों की कैसे चमकी किस्मत?
‘एनरिच मनी’ के संस्थापक और सीईओ पोनमुदी आर. के मुताबिक, यह भारतीय आईटी कंपनियों के लिए एक शानदार मौका है. विदेशी निवेशक महंगे शेयरों से पैसा निकालकर उसे सुरक्षित जगह यानी भारतीय आईटी स्टॉक्स में डाल रहे हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि भारतीय कंपनियों को बिना कोई भारीभरकम खर्च किए सीधे एआई तकनीक का फायदा मिलने वाला है. दरअसल, पूरी दुनिया भारतीय कंपनियों को एआई का ढांचा तैयार करने वाले की तरह नहीं, बल्कि उस तकनीक को काम में लाने वाले पार्टनर की तरह देख रही है.
‘शेयर डॉट मार्केट’ के एनालिस्ट मयंक जैन भी यही मानते हैं. उनका कहना है कि भारतीय कंपनियों के पास पहले से कोई अपना एआई मॉडल नहीं था. पहले यह एक कमी लगती थी, लेकिन अब यही बात उनके फायदे में काम कर रही है. इसकी वजह से भारतीय कंपनियां बहुत ज्यादा महंगे होने वाले जोखिम और घाटे से बच गई हैं.
काफी गिरावट के बाद, क्या अब दांव लगाना सही है?
अगर हम इंफोसिस के पुराने रिकॉर्ड को देखें, तो टाटा के बाद देश की इस दूसरी सबसे बड़ी कंपनी ने निवेशकों का कड़ा इम्तिहान लिया है. इस साल इंफोसिस का शेयर 29 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है. वहीं, पिछले एक साल में इसमें 24 फीसदी की गिरावट आई थी. लेकिन, पिछले एक महीने में बाजी पूरी तरह पलट गई है. आईटी शेयरों में अच्छी वापसी हुई है और निफ्टी आईटी इंडेक्स 14 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया है.
बाजार के जानकारों का कहना है कि 35 से 40 फीसदी तक गिरने के बाद अब आईटी शेयरों ने अपना निचला स्तर बना लिया है. अभी जो तेजी दिख रही है, वो इसलिए है क्योंकि शेयर सस्ते मिल रहे हैं और बड़े संस्थान जमकर खरीदारी कर रहे हैं. हालांकि, एक्सपर्ट यह भी सलाह देते हैं कि आगे का रास्ता अच्छा दिख रहा है, लेकिन अगली बड़ी छलांग लगाने से पहले बाजार थोड़ा रुककर सांस ले सकता है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। छोटे समय के लिए इन शेयरों की चाल इस बात पर भी टिकी होगी कि अमेरिका और पश्चिमी देशों की अर्थव्यवस्था में आने वाले दिनों में कितना सुधार आता है.