Lakhimpur Kheri News : तिरंगे में लिपटकर घर लौटे एसएसबी जवान प्रदीप सिंह

Lakhimpur Kheri News : तिरंगे में लिपटकर घर लौटे एसएसबी जवान प्रदीप सिंह
Lakhimpur Kheri News : तिरंगे में लिपटकर घर लौटे एसएसबी जवान प्रदीप सिंह

पलिया कलां, अमृत विचार। असम में तैनात सशस्त्र सीमा बल की 61वीं वाहिनी, भैराबकुंडा के हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार सिंह की पश्चिम बंगाल में सड़क दुर्घटना में हुई असामयिक मौत के बाद गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर जब पलिया स्थित उनके मोहल्ला पठान स्थित आवास पहुंचा तो पूरा शहर गमगीन हो उठा। फूलों से सजे एसएसबी के विशेष वाहन से जैसे ही ताबूत उतारा गया, परिजनों की चीखपुकार गूंज उठी। पत्नी, आठ वर्षीय बेटी, भाईबहनों और परिजनों का रोरोकर बुरा हाल था।

दिवंगत जवान के अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। इसके बाद शारदा नदी तट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। एसएसबी और पुलिस के जवानों ने शस्त्र उलटकर गार्ड ऑफ ऑनर दिया और अंतिम सलामी अर्पित कर अपने वीर साथी को भावभीनी विदाई दी। जब छोटे भाई सुदीप सिंह ने मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। घर से लेकर शारदा घाट तक अंतिम यात्रा के दौरान प्रदीप कुमार सिंह अमर रहें और भारत माता की जय के नारों से वातावरण गूंज उठा। सीओ जितेंद्र सिंह परिहार, प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे सहित भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। दिवंगत जवान के साथ आए एसएसबी इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह चौहान और अन्य जवानों ने बताया कि हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार सिंह अपनी बटालियन में समय की पाबंदी, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और मिलनसार स्वभाव के लिए विशेष पहचान रखते थे। उनके निधन की खबर से पूरी वाहिनी स्तब्ध है और हर जवान ने एक समर्पित साथी खोया है। उन्होंने बताया कि प्रदीप कुमार सिंह अवकाश लेकर अपने घर पलिया लौट रहे थे। इसी दौरान पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के समुक्तला क्षेत्र के पास उनकी कार भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई, जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही एसएसबी अधिकारियों ने उनके पार्थिव शरीर को हवाई मार्ग से लखनऊ पहुंचाया, जहां से विशेष वाहन के जरिए पूरे सम्मान के साथ पलिया लाया गया।

आठ वर्षीय बेटी वैष्णवी को सौंपा गया तिरंगा
अंतिम संस्कार के दौरान एसएसबी इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह चौहान ने सैन्य परंपरा के अनुसार दिवंगत जवान की आठ वर्षीय इकलौती पुत्री वैष्णवी को राष्ट्रीय ध्वज सौंपकर सम्मानित किया। इस भावुक क्षण ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। अधिकारियों ने पत्नी सरिता सिंह को सांत्वना देते हुए परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

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