
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब आधार कार्ड बनवाने या उसमें किसी तरह का अपडेट कराने के लिए लोगों को शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। योगी सरकार ने गांवों में ही आधार सेवाएं उपलब्ध कराने की पहल शुरू कर दी है। प्रदेश की 110 ग्राम पंचायतों में आधार नामांकन और अपडेट की सुविधा शुरू हो चुकी है। इन केंद्रों के माध्यम से अब तक 75 हजार से ज्यादा आधार सेवाएं दी जा चुकी हैं।
57,694 ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी सुविधा
पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश की सभी 57,694 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से आधार केंद्र शुरू किए जाएंगे। पहले चरण में 5,000 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इससे ग्रामीणों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। साथ ही ग्राम पंचायतों को आय का नया साधन भी मिलेगा।
पंचायत सहायकों को बनाया जा रहा आधार ऑपरेटर
इस योजना के तहत पंचायत सहायकों को आधार ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। अब तक 1,200 से ज्यादा पंचायत सहायकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वहीं, 179 पंचायत सहायकों की ऑपरेटर आईडी सक्रिय हो चुकी है और 157 आधार मशीनों का एक्टिवेशन पूरा किया जा चुका है। फिलहाल यह सुविधा लखनऊ, अयोध्या, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और बलरामपुर की 110 ग्राम पंचायतों में शुरू हो गई है।
गांव में ही मिलेंगी कई डिजिटल सेवाएं
सरकार की योजना सिर्फ आधार सेवाओं तक सीमित नहीं है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। आने वाले समय में ग्राम पंचायतों को डिजिटल नागरिक सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को कई सरकारी सेवाएं गांव में ही उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे लोगों को सुविधा मिलेगी और पंचायतों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देना और लोगों तक सरकारी सुविधाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित करना है।
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