Sitapur News: सावन में नागेश्वर नाथ धाम पहुंचना बना चुनौती, जर्जर सड़क और झाड़ियों से श्रद्धालु परेशान

Sitapur News: सावन में नागेश्वर नाथ धाम पहुंचना बना चुनौती, जर्जर सड़क और झाड़ियों से श्रद्धालु परेशान
Sitapur News: सावन में नागेश्वर नाथ धाम पहुंचना बना चुनौती, जर्जर सड़क और झाड़ियों से श्रद्धालु परेशान

सीतापुर। सावन माह की शुरुआत के साथ ही भगवान शिव के प्रसिद्ध नागेश्वर नाथ धाम में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की आवाजाही बढ़ने लगी है। हालांकि, आस्था के इस प्रमुख केंद्र तक पहुंचने वाले भक्तों को इस बार भी जर्जर सड़क और उगी झाड़ियों से जूझना पड़ सकता है। धाम तक जाने वाले मार्ग की बदहाल स्थिति और परिसर में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर श्रद्धालुओं में नाराजगी है।

सावन में उमड़ती है हजारों श्रद्धालुओं की भीड़

विकास खंड कसमंडा के ग्राम पतारा स्थित नागेश्वर नाथ धाम क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है। सावन के दौरान यहां हजारों श्रद्धालु और कांवड़िये जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में भक्तों के आने की संभावना है, लेकिन धाम तक पहुंचने वाला मार्ग जगहजगह क्षतिग्रस्त है और रास्ते के किनारे उगी झाड़ियां श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ा रही हैं।

48 वर्षों से चली आ रही है धार्मिक परंपरा

नागेश्वर नाथ धाम पिछले 48 वर्षों से धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है। यहां प्रत्येक वर्ष दिसंबर में रुद्र महायज्ञ आयोजित किया जाता है। वहीं सावन माह से लेकर जन्माष्टमी के बाद तक श्रीरामचरितमानस का अखंड पाठ चलता है। कन्नौज से गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़िये भी यहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।

श्रद्धालुओं ने उठाए व्यवस्था पर सवाल

धाम के पुजारी आचार्य राहुल मिश्रा और श्रद्धालु राजू बाबा का कहना है कि सावन जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर पर भी धाम की मूलभूत व्यवस्थाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उनका कहना है कि कांवड़ यात्रा को लेकर बड़ेबड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन इस प्राचीन धार्मिक स्थल की उपेक्षा लगातार बनी हुई है।

प्रशासन ने दिए सुधार के निर्देश

इस संबंध में कसमंडा के बीडीओ राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नागेश्वर नाथ धाम से जुड़ी समस्याओं की जानकारी मिल चुकी है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। संबंधित कर्मचारियों को स्थल का निरीक्षण कर साफसफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सावन में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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